भारतकोश
ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Rigveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,855 पृष्ठ

पृष्ठ 302, कुल 1855 में से

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पृष्ठ 302

अहानि गृध्राः पर्या व आगुरीमां धियं वार्कार्यां च देवीम्. ब्रह्म कृण्वन्तो गोतमासो अर्कैरूर्ध्वं नुनुद्र उत्सधिं पिबध्यै.. (४) हे जल के इच्छुक गौतमवंशी ऋषियो! तुम्हारे शोभन दिवसों ने आकर तुम्हारे उदक निष्पादक यज्ञों को सुशोभित किया था. उन्हीं दिनों में गौतमवंशी ऋषियों ने स्तुति उच्चारण के साथ हव्य देते हुए जल पीने के निमित्त कुआं ऊपर उठाया था. (४) एतत्त्यन्न योजनमचेति सस्वर्ह यन्मरुतो गोतमो वः. पश्यन्हिरण्यरथक्रानयोदंष्ट्रान्विधावतो वराहून्.. (५) स्वर्णनिर्मित पहियों वाले रथों पर बैठे हुए, धारों वाले लौहचक्र से युक्त, इधर-उधर धावमान एवं शत्रुसंहारक मरुद्गणों को देखकर गौतम ऋषि ने जो स्तोत्र बोला था, वह यही है. (५) एषा स्या वो मरुतो ऽनुभर्त्री प्रति ष्टोभति वाघतो न वाणी. अस्तोभयदवृथासामनु स्वधां गभस्त्योः.. (६) हे मरुद्गणो! हमारी स्तुति आपके अनुकूल है एवं आपमें से प्रत्येक का गुणगान करती है. इस समय इन स्तोत्रों द्वारा ऋषियों की वाणी ने अनायास ही आपका यशगान किया है, क्योंकि आपने अनेक प्रकार का अन्न हमारे हाथों पर रख दिया है. (६) सूक्त—८९ देवता—विश्वेदेव आ नो भद्राः क्रतवो यन्तु विश्वतोऽदब्धासो अपरीतास उद्भिदः. देवा नो यथा सदमिद्वृधे असन्नप्रायुवो रक्षितारो दिवेदिवे.. (१) समस्त कल्याणकारक, असुरों द्वारा अहिंसित एवं शत्रुनाश में समर्थ यज्ञ सब ओर से हमें प्राप्त हों. अपने रक्षण कार्य का त्याग न करने वाले एवं प्रतिदिन हमारी रक्षा करने वाले देवगण हमें सदा बढ़ावें. (१) देवानां भद्रा सुमतिर्ऋजूयतां देवानां रातिरभि नो नि वर्तताम्. देवानां सख्यमुप सेदिमा वयं देवा न आयुः प्र तिरन्तु जीवसे.. (२) अपने यजमानों से प्रेम करने वाले देवों का कल्याणकारक अनुग्रह एवं दान हमें प्राप्त हो. हम उनकी मित्रता प्राप्त करें, वे हमारी आयु में वृद्धि करें. (२) तान्पूर्वया निविदा हूमहे वयं भगं मित्रमदितिं दक्षमस्रिधम्. अर्यमणं वरुणं सोममश्विना सरस्वती नः सुभगा मयस्करत्.. (३) हम वेदरूपी पूर्वकालीन वाणी द्वारा भग, मित्र, अदिति, दक्ष, मरुद्गण, अर्यमा, वरुण, ebook converter DEMO Watermarks*