ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 41, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ें३४. मरुद्गण की स्तुति १-१५ व्याप्त, उत्पत्ति, सोने के टोप वाले, पहुंचना, आयुधधारक, अन्न व बल याचना १-७ अन्नदाता, शत्रुता, हंता, धन मांगना, अंधकार का नाश रूप धरना, होता, पापत्राता ८-१५ ३५. अग्नि का वर्णन १-१५ अन्न, उत्तम रूप, निर्माता, बाड़वाग्नि, अपांनपात्, इड़ा, सरस्वती, भारती १-५ उच्चैःश्रवा अश्व, संसार की उत्पत्ति ६ घर में रहना, वनस्पतियों के उत्पादक ७-८ नदियां, धन देना, भाग्य स्तुति, व्याप्त, उत्तम स्थान, पुत्र-पौत्र प्राप्ति हेतु प्रार्थना १२-१५ ३६. इंद्र, त्वष्टा, अग्नि, वरुण एवं मित्र की स्तुति १-६ भेड़ के बाल, दशापवित्र, भरत के पुत्र, देवपत्नियां मधु, सोमपान, प्राचीन स्तुतियां १-६ ३७. अग्नि की स्तुति १-६ द्रविणोदा, सोमरूप मधु, नेष्टा १-३ मृत्यु निवारक, रथ, सोमपान हेतु प्रार्थना ४-६ ३८. सविता का वर्णन १-११ दाता, हाथ फैलाना, सविता का त्याग, प्रकाश समेटना, शय्या का त्याग, घर अभिलाषा, कार्य क्षीण न होना, निवास, बुलाना १-९ रक्षक, आह्वान १०-११ ३९. अश्विनीकुमारों की स्तुति १-८ बाधा, ज्ञाता, वेगवान्, दुःखत्राता, बुढ़ापा, सुखदाता १-६ स्तुतियां, स्तोत्र रचना ७-८ ४०. सोम व पूषा की स्तुति १-६ ebook converter DEMO Watermarks*