ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 44, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ेंप्रजास्वामी, यज्ञरक्षक पुत्र-पौत्र प्राप्ति, सिक्त होना १-४ तेजधारी, बढ़ाना, शत्रुजेता, पापशोधक, उत्पत्ति ५-९ ११. अग्नि का वर्णन १-९ ज्ञाता, देवदूत, अंधकारनाशक, अग्रगामी, अवध्य, घर पाना, धन याचना, प्रवेश १-९ १२. इंद्र एवं अग्नि की स्तुति १-९ आह्वान, सोमपान, वरण, अन्नदाता, अर्चना, नगरों को कंपाना, उपस्थित रहना, धन में अभिन्नता, ज्ञान १-९ १३. अग्नि का वर्णन १-७ श्रेष्ठ, द्यावा-पृथिवी, सेवा, नियामक, प्रचलन, रक्षा व धन याचना १-७ १४. अग्नि का वर्णन १-७ प्रज्ञा प्रार्थना, सिंचन, धारक, द्रव्य देना, रक्षण व अन्न हेतु अग्नि के समीप जाना १-७ १५. अग्नि की स्तुति १-७ विनाश, स्तुतियां, फल, शत्रु-नगर, धन, हव्य वहन, विजय व पुत्र-पौत्र हेतु प्रार्थना १-७ १६. अग्नि का वर्णन १-६ पापनाशक, शत्रुजेता, धनयुक्त, रक्षक, विश्व में निवास, कीर्तिदाता १-६ १७. अग्नि की स्तुति १-५ स्वीकार्य, जातवेद, तीन अन्न, अमृत की नाभि, यज्ञ पूर्णता हेतु प्रार्थना १-५ १८. अग्नि की स्तुति १-५ साधक, शत्रुनाशक, अन्न याचना १-५ १९. अग्नि की स्तुति १-५ वरण, पात्र, महिमायुक्त १-३ तेजधारक, अन्न याचना ४-५ ebook converter DEMO Watermarks*