ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 46, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ेंसाधन, प्रकट होना, स्थापना, सुखयुक्त, अवरोधहीन, हव्यवाहक, अन्न याचना १-८ कामवर्षक, शोभा, नराशंस, उत्तम स्थान, शब्द, सनातन, कुशिकगोत्रीय, वरण ९-१६ ३०. इंद्र की स्तुति १-२२ विरोध, आना, भयंकर, स्थित होना, मिलाना, शक्ति याचना, धनदान, वृत्रवध, समतल, सुगम बनाना, शूर १-११ दिशाएं निश्चित, उत्तम कर्म, गाय का भ्रमण १२-१४ शत्रुवध, राक्षसों पर अस्त्र फेंकने, अश्व स्वामी बनाने की प्रार्थना १५-१८ इच्छाएं बढ़ना, स्तुति, आह्वान १९-२२ ३१. इंद्र का वर्णन १-२२ धेवता, कन्या का अधिकार, पुत्र, इंद्र से मिलना १-४ गो प्राप्ति, सरमा नामक देवशुनी, गाएं मिलना, शुष्णवध, अमरता, नियुक्ति, निमित्त, निर्माण, शक्तियां घोड़ियां, उत्पत्ति, जल उत्पत्ति, मरुतों की सहायता ५-१७ स्वामी, नवीन, पापनाशक, बंद करना, आह्वान १८-२२ ३२. सोम व इंद्र की स्तुति १-१७ घोड़ों के जबड़ों में घास भरना १ दान, सुंदर ठोढ़ी, गमनशील, जल छोड़ना २-६ नित्य तरुण, लोकधारक, तेजस्वी, सोमपान ७-१० धरती दबाना, वृद्धि, आकर्षित करना, पुकारना, सामने जाना, आह्वान ११-१७ ३३. इंद्र का वर्णन १-१३ विश्वामित्र व नदियों का संवाद, सतलज व व्यास नदी, भरतवंशियों का उनके पास जाना १-१३ ३४. इंद्र का वर्णन १-११ धरती व आकाश की तृप्ति, स्तुति १-२ ebook converter DEMO Watermarks*