भारतकोश
ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Rigveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,855 पृष्ठ

पृष्ठ 52, कुल 1855 में से

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बनाने व मंत्र स्वीकार हेतु प्रार्थना, स्तुतियां ९-१६ ४. अग्नि की स्तुति १-१५ आगे बढ़ने, चिनगारियों को फैलाने, अनिष्ट से बचाने, राक्षसों, शत्रुओं का नाश करने व प्रकाशित होने का आग्रह १-६ फलदाता, स्तुति, सेवा, आतिथ्य, गौतम, रक्षक ७-१२ दीर्घतमा, अन्न देने व अपयश से बचाने की प्रार्थना १३-१५ ५. अग्नि का वर्णन १-१५ स्वर्ग थामना, नेताश्रेष्ठ, विराजमान, तीखे दांत, नरक, धन याचना १-६ स्थापना, रक्षक, वैश्वानर, जिह्वा, प्रतिज्ञा, जातवेद, उषाएं, अतृप्त लोग, ज्वालाएं ७-१५ ६. अग्नि की स्तुति १-११ होता, प्रजा, प्रदक्षिणा, परिक्रमा १-४ कल्याणी मूर्ति, प्रकाशित होना, अंगुलियां, आह्वान, आवाज करना, धन याचना ५-११ ७. अग्नि का वर्णन १-११ स्थापित, ग्रहण, यज्ञशाला, कल्याणार्थ लाना, तेज १-५ स्थापना, प्रसन्न करना, स्वर्ग, दूत, जलाना, बलयुक्त करना ६-११ ८. अग्नि का वर्णन १-८ बढ़ाना, ज्ञाता, धन देना, दूतकर्म, प्रसन्न करना, प्रसिद्ध बनना, पापनाशक १-८ ९. अग्नि की स्तुति १-८ आह्वान, जाना, होता, ब्रह्मा १-४ उपवक्ता, हव्य वहन, स्तोत्र सुनने का आग्रह, रक्षक ५-८ १०. अग्नि की स्तुति १-८ उपकारक, नेता, तेजस्वी गमनकर्त्ता, शब्द करना, शोभित होना, पापरहित, ebook converter DEMO Watermarks*