ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 55, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ेंतेज आयुध, स्तुतियों का प्रवेश ७-८ गायों का प्रवेश, ऋतदेव, स्तुतियां स्वीकार हेतु प्रार्थना ९-११ २४. इंद्र का वर्णन १-११ बलशाली, धनदाता, रक्षक, यज्ञ, पुरोडाश १-५ मित्र बनाना, बल धारण, संग्राम, कम मूल्य मिलना, स्तुतियां ६-११ २५. इंद्र का वर्णन १-८ हितैषी, प्रार्थना, सोमरस निचोड़ना, पुरोडाश १-६ हिसा, मित्र, अन्न हेतु पुकारना ७-८ २६. इंद्र का वर्णन १-७ उशना कवि, संकल्प, दिवोदास, मनु प्रजापति, सोम लाना १-५ श्येन पक्षी, शत्रुनाश ६-७ २७. श्येन पक्षी का वर्णन १-५ जन्म जानना, हराना, सोम छीनना, भुज्यु, सोमपानार्थ आग्रह १-५ २८. इंद्र एवं सोम की प्रार्थना १-५ प्रेरणा, पहिया तोड़ना, सेनानाश, गुणहीन बनाना, गोदान १-५ २९. इंद्र व सोम की स्तुति १-५ आह्वान, प्रसन्न रहना, डर भगाने की प्रार्थना, घोड़े जोड़ना, धन-पात्र बनना १-५ ३०. इंद्र की स्तुति १-२४ प्रसिद्ध न होना, महान्, युद्ध, पहिया चुराना, युद्ध करना, एतश ऋषि, दनुपुत्र का नाश १-७ उषा का वध, टूटी गाड़ी, गाड़ी का गिरना, स्थापना, नगरों का नाश, शंबर, वचि व सेवकों का वध, परावृक्त, तुर्वश एवं यदु नामक राजा ८-१७ और्व व चित्ररथ का वध, कृपा करना, दिवोदास को नगर देना, राक्षसों का संहार, अजेय, शत्रु विदारक १८-२४ ebook converter DEMO Watermarks*