भारतकोश
ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Rigveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,855 पृष्ठ

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स्वामी, अन्न हेतु आग्रह १-२ प्रसिद्ध, स्तुति, अत्रि ऋषि ३-५ ४०. इंद्र व सूर्य की स्तुति १-९ शत्रुहंता, आनंददाता, सोमपान व प्रसन्न होने का आग्रह, अंधकार, माया भगाना, वार्तालाप १-७ माया स्वतंत्र करना ८-९ ४१. विश्वेदेव की स्तुति १-२० रक्षा करने, सेवा स्वीकारने, सुंदर स्तोत्र एवं हव्य बनाने की प्रार्थना १-३ अत्रि ४-५ बैठाने का आग्रह, हव्य देना, स्तुति ६-८ अनुकूल बनने की प्रार्थना, स्तुति, रक्षा प्रार्थना ९-११ देवों की स्तुति, आहुतियां देना १२-१४ भूमि की स्तुति, शत्रुनाशक, संतान व अन्न हेतु सेवा १५-१७ उपस्थित होने की प्रार्थना, यज्ञ की प्रशंसा, रक्षार्थ प्रार्थना १८-२० ४२. विश्वेदेव की स्तुति १-१८ प्रार्थना, वरुण, सोना मांगना, यज्ञयोग्य देवों से मिलना १-४ त्वष्टा, ऋभुक्षा, वाज, कर्मकथन, सुखदाता ५-७ पुत्रवान बनना, अव्रती, निंदक आदि को अंधकार में डालने की प्रार्थना, ओषधि- स्वामी, राका, रूप देना, जलनिर्माता, प्रकाशित करते हुए चलना ८-१४ धनाभिलाषी, दुर्बुद्धि में न डालने व सुख भोगने की प्रार्थना, सौभाग्य याचना १५-१८ ४३. विश्वेदेव की स्तुति १-१७ आह्वान, इच्छा, सोम देना, मधुर रस टपकाना, सोमरस निचोड़ना १-५ हव्य वहन की प्रार्थना, पात्र रखना, यज्ञ में लाना, स्तुतियों को सुनने व अर्थ जानने की प्रार्थना ६-११ ebook converter DEMO Watermarks*