ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 71, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ें७९. उषा की स्तुति १-१० अश्व देने वाली, सत्यश्रवा, अंधकार हरने की प्रार्थना, स्मरण करना, स्तुति, अन्न मांगना, स्तुति, गाएं, धन याचना, ताप न देने का आग्रह, हिंसा न करना १-१० ८०. उषा का वर्णन १-६ महती, प्रकाश फैलाना, धन स्थायी करना, भली प्रकार चलना, उपस्थित होना, प्रकाश बिखेरना १-६ ८१. सविता की स्तुति १-५ कार्यों में लगना, प्रकाश फैलाना, सीमित, मित्र बनना, श्यावाश्व ऋषि १-५ ८२. सविता की स्तुति १-९ प्रार्थना, ऐश्वर्य, कामना, दरिद्रता, अमंगल भगाने की प्रार्थना, धन धारण हेतु प्रार्थना, सेवा, प्रेरणा १-९ ८३. पर्जन्य की स्तुति १-१० गर्भधारण, भागना, वर्षायुक्त करना, गरजना-टपकना, झुकना, पालक, जल धारण हेतु प्रार्थना, मुदित होना, स्तुतियां मिलना १-१० ८४. पृथिवी की स्तुति १-३ प्रसन्न करना, बादलों को फेंकना, वनस्पतियां धारण करना १-३ ८५. वरुण की स्तुति १-८ विस्तृत करना, सोमलता का विस्तार, धरती को गीला करना, बादल शिथिल करना, नापना, विरोधहीन स्तुति, अपराध नष्ट करने व प्रिय बनाने की प्रार्थना १-८ ८६. इंद्र व अग्नि का वर्णन १-६ तर्क काटना, स्तुति, वज्र, प्रशंसनीय, अश्व हेतु स्तुति, अन्न मांगना १-६ ८७. मरुद्गण का वर्णन १-९ एवयामरुत्, स्थिर होना, पुकार सुनना, बल व तेजयुक्त, अपार महिमा, विस्तृत गृह, पाप भगाने व निंदकों को वश में करने की प्रार्थना १-९ ebook converter DEMO Watermarks*