ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 74, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ेंसुख व हेतु प्रार्थना भरद्वाज, स्तुति, दर्शनीय तेज, विद्वान्, स्तुति, बढ़ाना, धन मांगना ५-१२ अग्नि मंथन, दध्यङ् प्रज्वलन, स्तुतियां १३-१६ अनुग्रह, दृष्टिरक्षार्थ याचना, पालक, महिमा, विस्तार करना, शत्रुनाशक, देवदूत, पवित्रकर्मा, अन्नदाता १७-२८ जातवेद, विशेषद्रष्टा, रक्षा, याचना, स्तुति, शत्रुनाशार्थ प्रार्थना २९-३४ शत्रुनाश, अन्न, संतान प्राप्ति हेतु प्रार्थना, शरण लेना, तेज सींग ३५-३९ अग्नि पकड़ना, हव्य, सुखकर, आह्वान, दीप्ति संपन्न, यजन योग्य, ऋचाएं, स्तुति ४०-४८ १७. इंद्र की स्तुति १-१५ गाएं खोजना, शत्रुरक्षक, अन्न हेतु प्रार्थना, सर्वगुणी १-४ स्थापक, दुधारू बनाना, धरती को पूर्ण बनाना ५-७ अग्रणी, वृत्रवध, वज्र बनाना, भैंसे पकाना, नदियां मुक्त करना ८-१२ स्तुतियां, बल, अन्न प्राप्ति व सौ वर्ष तक प्रसन्न रहने के लिए प्रार्थना १३-१५ १८. इंद्र की स्तुति १-१५ इच्छापूरक, सोमपानकर्त्ता, पुत्र देना, वासदाता, शत्रुनाशक १-४ बल असुर का वध, नगरों का नाश ५ वंदनीय, चुमुरि, पिप्रु, शंबर, शुष्ण व धुनि का वध, माया-नाशक, महिमा ६-१२ कुत्स, आयु एवं दिवोदास १३ धन प्राप्ति हेतु प्रार्थना, स्तोत्र के जनक १४-१५ १९. इंद्र की स्तुति १-१३ अपराजित, युद्ध संचालन, आह्वान, धनस्वामी, धन, पुत्र व पौत्र हेतु प्रार्थना १-१० आह्वान, धन से प्रसन्नता मांगना ११-१३ २०. इंद्र की स्तुति १-१३ ebook converter DEMO Watermarks*