भारतकोश
ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Rigveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,855 पृष्ठ

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४३. इंद्र की स्तुति १-४ शंबर का वध, सोमपान आग्रह १-४ ४४. इंद्र की स्तुति १-२४ प्रसन्नता देने की कामना १-३ शत्रुजेता, शत्रुधनहर्ता, रक्षक, ४-७ आविर्भूत होने की कामना, धन मांगना, रक्षार्थ प्रार्थना, सोमरस देना, प्रसन्न होने की कामना, धनस्वामी, अभिलाषापूरक ८-२१ आयुध बेकार होना, अमृत मिलना व दूध धारण करना २२-२४ ४५. इंद्र एवं बृहस्पति का वर्णन १-३३ तुर्वश व यदु राजा १ शत्रुओं का धन जीतना २ अनंत रक्षासाधन, बुद्धिदाता, रक्षा, समृद्धि हेतु प्रार्थना ३-६ आह्वान, हाथों में संपत्तियां ७-८ यज्ञस्वामी, अन्न व धन के लिए आह्वान ९-११ जीतने योग्य बनना १२ धन जीतना १३-१६ सुख याचना, असुरसंहारक, आह्वान १७-१९ एकमात्र स्वामी, गोपालक, आह्वान २०-२२ गायों सहित अन्न देने वाले, गाएं को प्रकट करना, गाय-घोड़ा देने वाले बनने का अनुरोध २३-२६ निंदक, गायों का बछड़ों के पास जाना, बृबु, गाएं देना, स्तुतिपात्र, शत्रुनाशक, धन के लिए प्रेरणा का अनुरोध २७-३३ ४६. इंद्र की स्तुति १-१४ आह्वान, स्तुति, पालक १-३ ebook converter DEMO Watermarks*