ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 81, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ेंअभिलाषापूरक, स्तुति २-३ सज्जनपालक, सुख याचना ४-५ वृक व वृकी ६ शत्रुनाश की प्रार्थना ७ पापों का दूर होना, झुकना ८-९ दुर्गुणों के नाश हेतु वरुण, मित्र अग्नि की स्तुति १० मार्गदर्शक, रक्षक बनने व भवन हेतु याचना ११-१२ शत्रु को दूर रखने व सुख देने के लिए स्तुति १३ पणि को मारने के लिए सोम से प्रार्थना १४ सुख देने व मार्ग सुरक्षित बनाने के लिए देवों की स्तुति १५ शत्रुनाश व धन प्राप्ति का मार्ग १६ ५२. विभिन्न देवों का वर्णन १-१७ यज्ञ को अयोग्य मानना १ विरोधियों को जलाने हेतु प्रार्थना २ निंदा उद्धारक ३ रक्षा के लिए उषा, नदियों, पर्वतों एवं पितरों से प्रार्थना ४ सूर्य दर्शन हेतु अग्नि से प्रार्थना ५ रक्षा हेतु पुकार ६ विश्वेदेव का आह्वान ७ घृतमिश्रित हव्य ८ विश्वेदेव, दूध स्वीकारने हेतु प्रार्थना ९-१० हव्य स्वीकारने का अनुरोध ११ यज्ञ पूरा करने हेतु याचना १२ ebook converter DEMO Watermarks*