ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 823, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ेंसोम सब आनंद देने वाले हैं. हे कामवर्षी एवं शत्रुओं के अतिशय हंता इंद्र! तुम वर्षा करने वाले मरुतों के साथ सोमरस पिओ. (२) वृषा त्वा वृषणं हुवे वज्रिञ्चित्राभिरूतिभिः. वृषन्निंद्र वृषभिर्वृत्रहन्तम.. (३) हे वज्रधारी एवं कामवर्षी इंद्र! सोमरस पिलाने वाले हम विचित्र रक्षाओं के कारण तुम्हें बुलाते हैं. हे कामवर्षी एवं शत्रुओं के अतिशय हंता इंद्र! तुम वर्षा करने वाले मरुतों के साथ सोमरस पिओ. (३) ऋजीषी वज्री वृषभस्तुराषाट्छुष्मी राजा वृत्रहा सोमपावा. युक्त्वा हरिभ्यामुप यासदर्वाङ्माध्यन्दिने सवने मत्सदिन्द्रः.. (४) इंद्र सोमरस के स्वामी, वज्रधारण करने वाले, कामवर्षी शत्रुहननकर्त्ता, शक्तिशाली, राजा वृत्र को मारने वाले व सोमरस पीने वाले हैं. वे हरि नामक घोड़ों को अपने रथ में जोड़कर हमारे सामने आवें एवं माध्यंदिन सवन में सोमरस पीकर प्रसन्न हों. (४) यत्त्वा सूर्य स्वर्भानुस्तमसाविध्यदासुरः. अक्षेत्रविद्यथा मुग्धो भुवनान्यदीधयुः.. (५) हे सूर्य! जब स्वर्भानु नामक असुर ने तुम्हें माया द्वारा निर्मित अंधकार से ढक लिया था, तब सभी लोक अंधकारपूर्ण हो गए थे. वहां के निवासी मूढ़ होकर अपने-अपने स्थान को भी नहीं जान पा रहे थे. (५) स्वर्भानोरध यदिन्द्र माया अवो दिवो वर्तमाना अवाहन्. गूह्लं सूर्य तमसापव्रतेन तुरीयेण ब्रह्मणाविन्ददत्रिः.. (६) हे इंद्र! जब तुमने सूर्य के नीचे वाले स्थान में फैली हुई स्वर्भानु की दिव्य माया को दूर भगा दिया था, तब कर्मों में बाधक अंधकार द्वारा ढके हुए सूर्य को अत्रि ऋषि ने चार ऋचाएं बोलकर प्राप्त किया था. (६) मा मामिमं तव सन्तमत्र इरस्या दुग्धो भियसा नि गारीत्. त्वं मित्रो असि सत्यराधास्तौ मेहावतं वरुणश्च राजा.. (७) सूर्य ने अत्रि से कहा— "हे अत्रि! इस प्रकार की अवस्था में पड़ा मैं तुम्हारा सेवक हूं. इस अन्न की इच्छा के कारण द्रोह करने वाले असुर भयजनक अंधकार द्वारा मुझे न निगल लें. तुम मेरे मित्र एवं सत्य का पालन करने वाले हो. तुम एवं वरुण मेरी रक्षा करो." (७) ग्राव्णो ब्रह्मा युयुजानः सपर्यन् कीरिणा देवान्नमसोपशिक्षन्. अत्रिः सूर्यस्य दिवि चक्षुराधात्स्वर्भानोरप माया अघुक्षत्.. (८) ebook converter DEMO Watermarks*