भारतकोश
ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Rigveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,855 पृष्ठ

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पृष्ठ 827

हम शोभन दान वाले मरुतों की स्तुतियों द्वारा किस प्रकार सेवा करें? किस प्रकार की स्तुति द्वारा उनकी उचित पूजा करें? प्रातःकाल जागने वाले देव हमारी हिंसा न करें एवं हमारे शत्रुओं को नष्ट करने वाले हों. (१६) इति चिन्हु प्रजायै पशुमत्यै देवासो वनते मत्यो व आ देवासो वनते मत्यो व:. अत्रा शिवां तन्वो धासिमस्या जरां चिन्मे निर्ऋतिर्जग्रसीत.. (१७) हे देवो! यजमान लोग संतान एवं पशु पाने के लिए शीघ्र तुम्हारी सेवा करते हैं. निर्ऋति इस यज्ञ में उत्तम अन्न द्वारा मेरा शरीर पुष्ट बनावें एवं मेरा बुढ़ापा दूर करें. (१७) तां वो देवाः सुमतिर्मूर्जयन्तीमिषमश्याम वसवः शसा गोः. सा नः सुदानुर्मृळयन्ती देवी प्रति द्रवन्ती सुविताय गम्याः.. (१८) हे दीप्तिशाली वसुओ! हम तुम्हारी गायरूपी स्तुति से शक्तिकारक दूधरूपी अन्न प्राप्त करें. वह शोभन दान वाली देवी हमें सुख पहुंचाती हुई शीघ्र हमारे सामने आवे. (१८) अभि न इळा यूथस्य माता स्मन्नदीभिरुर्वशी वा गृणातु. उर्वशी वा बृहद्दिवा गृणानाभ्यूर्वाना प्रभृथस्यायोः.. (१९) गायों के समूह का निर्माण करने वाली इड़ा एवं उर्वशी सब नदियों के साथ मिलकर हम पर अनुग्रह करें. परम दीप्तिशाली उर्वशी शब्द करती हुई हमारे यज्ञ की प्रशंसा करती है एवं यजमानों को अपने प्रकाश से ढकती है. (१९) सिषक्तु न ऊर्जव्यस्य पुष्टेः.. (२०) ऊर्जव्य राजा को पुष्ट करने वाले देवगण हमारी बार-बार रक्षा करें. (२०) सूक्त—४२ देवता—विश्वेदेव प्र शन्तमा वरुणं दीधिती गीर्मित्रं भगमदितिं नूनमश्याः. पृषदद्योनिः पञ्चहोता शृणोत्वतूर्तपन्था असुरो मयोभुः.. (१) अत्यंत सुखकारक स्तुतिवचन, हव्यदान आदि कर्मों के साथ वरुण मित्र, भग एवं अदिति के पास पहुंचें. अंतरिक्ष में स्थित प्राण आदि पांच वायुओं के साधक, अबाध गति वाले, प्राणदाता एवं सुख के आधार वायु हमारी स्तुतियां सुनें. (१) प्रति मे स्तोममदितिर्जगृभ्यात्सूनुं न माता हृद्यं सुशेवम्. ब्रह्म प्रियं देवहितं यदस्त्यहं मित्रे वरुणे यन्मयोभु.. (२) जिस प्रकार माता अपने पुत्र को छाती से लगा लेती है, उसी प्रकार मेरे हृदयहारी एवं ebook converter DEMO Watermarks*