ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 858, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ेंधुनुथ द्यां पर्वतान्दाशुषे वसु नि वो वना जिहते यामनो भिया. कोपयथ पृथिवीं पृश्निमातरः शुभे यद्गुग्राः पृषतीरयुग्ध्वम्.. (३) हे मरुतो! तुम आकाश में बादलों को इधर-उधर बिखेरो तथा हवि देने वाले यजमान को धन दो. तुम्हारे आने के डर से वन कांपने लगते हैं. हे उग्र एवं पृश्निपुत्र मरुतो! वर्षा द्वारा धरती को विचलित करो. तुम अपने रथ में बुंदकियों वाली घोड़ियां जोड़ते हो. (३) वातत्विषो मरुतो वर्षनिर्णिजो यमाइव सुसदृशः सुपेशसः. पिशङ्गाश्वा अरुणाश्वा अरेपसः प्रत्वक्षसो महिना द्यौरिवोरवः.. (४) मरुद्गण सदा दीप्तिसंपन्न, वर्षाकारक, अश्विनीकुमारो के समान शोभन सादृश्य वाले, शोभनरूप, पीले घोड़ों वाले, लाल रंग के घोड़ों के स्वामी, पापरहित, शत्रुनाशकर्त्ता एवं आकाश के समान विस्तृत हैं. (४) पुरुद्रप्सा अञ्जिमन्तः सुदानवस्त्वेषसन्दृशो अनवभ्रराधसः. सुजातासो जनुषा रुक्मवक्षसो दिवो अर्का अमृतं नाम भेजिरे.. (५) अधिक जल से युक्त, आभरणों से सुशोभित, शोभन दानशील, दीप्त आकृति वाले, क्षयरहित धन के स्वामी, उत्तम जन्म वाले, जन्म से ही सीने पर सोने का हार धारण करने वाले एवं पूज्य मरुद्गण स्वर्ग से आकर अमृत प्राप्त करते हैं. (५) ऋष्टयो वो मरुतो अंसयोरधि सह ओजो बाह्वोर्वो बलं हितम्. नृम्णा शीर्षस्त्वायुधा रथेषु वो विश्वा वः श्रीरधि तनूषु पिपिशे.. (६) हे मरुतो! तुम्हारे कंधों पर ऋष्टि नामक आयुध, भुजाओं में शत्रुओं को पराजित करने वाला बल, शीशों पर सुनहरी पगड़ियां, रथों में भांति-भांति के अस्त्र-शस्त्र तथा शरीर में शोभा विराजमान है. (६) गोमदश्वावद्रथवत्सुवीरं चन्द्रवद्राधो मरुतो ददा नः. प्रशस्तिं नः कृणुत रुद्रियासो भक्षीय वोऽवसो दैव्यस्य.. (७) हे मरुतो! तुम हमें गायों, घोड़ों, रथ, उत्तम संतान एवं सोने से युक्त अन्न दो. हे रुद्रपुत्र मरुतो! हमें समृद्ध बनाओ. हम तुम्हारी उत्तम रक्षा प्राप्त करें. (७) हये नरो मरुतो मृळता नस्तुवीमघासो अमृता ऋतज्ञाः. सत्यश्रुतः कवयो युवानो बृहद् गिरयो बृहदुक्षमाणाः.. (८) हे नेता, असीमित धन के स्वामी, मरणरहित, जल बरसाने वाले, सत्य के कारण प्रसिद्ध, मेधावी व तरुण मरुतो! तुम बहुत सी स्तुतियों के विषय एवं अधिक वर्षा करने वाले हो. (८) ebook converter DEMO Watermarks*