भारतकोश
ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Rigveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,855 पृष्ठ

पृष्ठ 92, कुल 1855 में से

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स्तुति, स्वर्ग व धरती के मित्र, धन रत्न मांगना, रोग निवारणार्थ स्तुति, वाजी देवताओं से रक्षा हेतु स्तुति ४-८ ३९. विभिन्न देवों का वर्णन १-७ उषा, घोड़ियों के स्वामी, रमण, यज्ञ का अनुरोध, आह्वान, धन, अन्न व रक्षा हेतु याचना १-७ ४०. विभिन्न देवों की स्तुति १-७ सुख व धन हेतु स्तुति, बलवान बनाने हेतु प्रार्थना, पापनाशार्थ स्तुति, महत्त्वदाता, जल व अन्न देने का आग्रह, रक्षा हेतु प्रार्थना १-७ ४१. अग्नि, इंद्र, व अश्विनीकुमारों आदि का वर्णन १-७ आह्वान, धन याचना, गाय, घोड़े, धन व पुत्र मांगना, स्तुति, धनी होने की कामना, आह्वान, भग को लाने की याचना, रक्षा हेतु स्तुति १-७ ४२. विभिन्न देवों की स्तुति १-६ नदियां, काले व लाल घोड़े, पूजा, धन देना, यज्ञ स्वीकार करने के लिए की स्तुति, धन याचना व रक्षार्थ स्तुति १-६ ४३. विभिन्न देवों की स्तुति १-५ अर्चना, शत्रु की सहायता न करने की प्रार्थना, धन लाने और प्रसन्न होकर आने की प्रार्थना, धन मांगना १-५ ४४. दधिक्रा देव का वर्णन १-५ रक्षार्थ आह्वान, प्रेरित करना, पीले घोड़े, प्रमुख दधिक्रा, अनुगमनकर्त्ता १-५ ४५. सविता का वर्णन १-४ आह्वान, भुजाएं, धन याचना १-४ ४६. रुद्र की स्तुति १-४ आयुध स्वामी, रोगहीन करने व रक्षा के लिए आह्वान, पुत्र-पौत्रों की हत्या न करने व रक्षार्थ निवेदन १-४ ४७. जल की स्तुति १-४ ebook converter DEMO Watermarks*