ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 94, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ेंतृप्त, सजाना, शुद्ध करना १०-१२ गहने, यज्ञभाग सेवन हेतु स्तुति, धन याचना, उत्सव दर्शक, आह्वान, प्रशंसा १३-१८ रक्षक, पुत्र-पौत्र मांगना, धन का भागी बनाने हेतु निवेदन, शत्रु रक्षार्थ प्रार्थना, अन्न पाना, पुत्र के शक्तिशाली होने व रक्षा के लिए प्रार्थना १९-२५ ५७. मरुतों की स्तुति १-७ उग्र, कामनापूरक, आभूषण धारण, कृपा, अन्न द्वारा पुष्ट होने एवं रक्षा हेतु स्तुति १-७ ५८. मरुतों की स्तुति १-६ सर्वाधिक बुद्धिमान्, जन्म, अन्न व धनवृद्धि व रक्षा हेतु स्तुति १-६ ५९. मरुतों की स्तुति १-१२ भय से बचाने का अनुरोध, रोकना, सोमपान व दूसरी जगह न जाने के लिए प्रार्थना १-५ पुकारना, आह्वान, दुःखदाता का वध करने व हवि सेवन के लिए प्रार्थना, आह्वान, मृत्युबंधन से छुड़ाने हेतु प्रार्थना ६-१२ ६०. सूर्य, मित्र, वरुण, आदित्य आदि की स्तुति १-१२ सूर्य की स्तुति, पाप और पुण्य देखना, सूर्यरथ, पुरोडाश, पापनाशक, वरुण और अर्यमा, आदित्य, मित्र व वरुण १-६ धरातल होना, रुष्ट करने वाले कर्म न करने व स्थान देने के लिए आग्रह, सुखी बनाने हेतु स्तुति, निवासस्थान बनाना, दुःखनाश हेतु स्तुति ७-१२ ६१. मित्र एवं वरुण की स्तुति १-७ उदय होना, स्तुति, परिक्रमा, बुद्धि बढ़ाने की याचना, सच्ची स्तुतियां, आह्वान, स्तुति १-७ ६२. मित्र व वरुण की स्तुति १-६ सूर्य से प्रार्थना, निरपराध बताने के लिए स्तुति, धन देने व अभिलाषा पूरी करने हेतु प्रार्थना, रक्षार्थ प्रार्थना, भूमि को सींचने, रक्षा व धन हेतु स्तुति १-६