भारतकोश
रोगी रोग मुक्त बिना दवाई: योगासन एवं प्राणायाम

रोगी रोग मुक्त बिना दवाई: योगासन एवं प्राणायाम

Rogi Rog Mukt Bina Dawai: Yogasan evam Pranayama

राजीव दीक्षित / रोबिन सिराना द्वारा

स्रोत: Swadeshi Chikitsa & Yogasan Series · Swadeshi Robin Sirana · 2017 (उद्गम)

DevanagariHindipublished60 पृष्ठ

पृष्ठ 44, कुल 60 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 44

हस्त मुद्रा योग

हस्त मुद्रा योग से पायें किसी भी बीमारी में तुरन्त ईलाज हठयोग पर आधारित इस ग्रंथ को महर्षि घेरण्ड ने लिखा था। मानव शरीर अनन्त रहस्यों से भरा हुआ है। शरीर की अपनी एक मुद्रामयी भाषा है।

यह शरीर पंच तत्वों के योग से बना है-

(1) पृथ्वी, (2) जल, (3) अग्नि, (4) वायु, एवं (5) आकाश

❖ ज्ञान मुद्रा :

  • • ज्ञान-मुद्रा विधि: अंगूठे, तर्जनी (पहली) अंगुली के सिरे पर लगा दें। शेष तीनों अंगुलियां सीधी रहेंगी।
  • • स्मरण-शक्ति का विकास होता है और ज्ञान की वृद्धि होती है,
  • • पढ़ने में मन लगता है, मस्तिष्क के स्नायु मजबूत होते हैं,

44