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रोगी रोग मुक्त बिना दवाई: योगासन एवं प्राणायाम

रोगी रोग मुक्त बिना दवाई: योगासन एवं प्राणायाम

Rogi Rog Mukt Bina Dawai: Yogasan evam Pranayama

राजीव दीक्षित / रोबिन सिराना द्वारा

स्रोत: Swadeshi Chikitsa & Yogasan Series · Swadeshi Robin Sirana · 2017 (उद्गम)

DevanagariHindipublished60 पृष्ठ

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❖ शक्तिपान मुद्रा :

शक्तिपान मुद्रा विधि – दोनों हाथों के अंगूठे और तर्जनी अंगुली को इस तरह से मिला लें कि पान की सी आकृति बन जाएं तथा दोनों हाथों की बची हुई तीनों अंगुलियों को हथेली से लगा ले।

ब्रेन की शक्ति में बहुत विकास होता है।

❖ माण्डुकी मुद्रा :

  • • मुंह बंद करके जीभ को पूरे तालू के ऊपर दाएं-बाएं और ऊपर नीचे घुमाएं। तालू से टपकती हुई लार को पीये।
  • • स्वास्थ्य सुधरता है इससे त्वचा चमकदार बनती है तथा इसके नियमित अभ्यास से वात-पित्त एवं कफ की समस्या दूर हो जाती है।

❖ पुष्पांजलि मुद्रा :

  • • पुष्प अर्पण करते समय या भगवान से कुछ मांगते समय आपके हाथ जैसे रहते हैं वैसे ही यह मुद्रा बनती है –
  • • दोनों खुली और सीधी हथेलियों को अगल – बगल सटा कर।
  • • इसको निरंतर अभ्यास करने से नींद अच्छी तरह से आने लगती है। आत्मविश्वास बढ़ता है।

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