रोगी रोग मुक्त बिना दवाई: योगासन एवं प्राणायाम

रोगी रोग मुक्त बिना दवाई: योगासन एवं प्राणायाम
Rogi Rog Mukt Bina Dawai: Yogasan evam Pranayama
राजीव दीक्षित / रोबिन सिराना द्वारा
स्रोत: Swadeshi Chikitsa & Yogasan Series · Swadeshi Robin Sirana · 2017 (उद्गम)
DevanagariHindipublished60 पृष्ठ
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- 12. सोते समय पारिवारिक व्यक्ति को दक्षिण दिशा में सन्यासी, ब्रह्मचारी और विद्यार्थी को पूर्व दिशा में सर रखकर सोना चाहिए
- 13. भोजन खूब चबा चबा कर करे। आयुर्वेद में निवाले को 32 बार चबाने का विधान हैं।
- 14. घर में एल्युमीनियम के बर्तनों का उपयोग ना करें। उसकी जगह मिट्टी के बर्तन या तांबे, पित्तल, लोहे और स्टील का उपयोग कर सकते हैं।
- 15. भोजन के बाद बिना सुपारी, तंबाकू और कत्था का पान जरूर खाये। ये कफ, वात औरपित्त को बराबर रखता है।
- 16. 40 साल की उम्र के बाद हर व्यक्ति को गेहूँ के दाने जितना चूना, पानी या छाछ या दही के साथ जरूर लेना चाहिए। चूना वात के रोगो का नाश करता हैं। इससे कमर, घुटने व जोड़ो के दर्द नहीं होते। (पथरी वाले चूना ना खाये।)
इस पुस्तक को लिखने का मेरा उद्देश्य हैं कि सभी लोग बिना डॉक्टर के पास जाये स्वस्थ रहें।
आज हमारे देश में लगभग 85% लोग किसी ना किसी रोग से ग्रस्त हैं। यदि हम अपना थोड़ा सा भी ख्याल रखे तो हम बड़ी से बड़ी बीमारी से बचा जा सकता हैं।
- स्वदेशी रोबिन सिराना (राजीव दीक्षित समर्थक)
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