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रुद्रयामल तन्त्र (उत्तर तन्त्र - हिन्दी व्याख्या सहित)

Rudrayamala Tantra (Uttara Tantra) with Hindi Commentary

भगवान भैरव / पं. रामचरण शर्मा द्वारा

स्रोत: खेमराज श्रीकृष्णदास · खेमराज श्रीकृष्णदास · 1950 (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished68 पृष्ठ

६४ रुद्रयामलतन्त्रम् तेनेदं कृतग्रंथं रुद्रयामलसंस्कृतम् ॥ नोदिते नंदरामेण रमुआपुरवासिना ॥ १० ॥ जिलाशीतापुरे तस्य तहसीलं च मिश्रिते ॥ डाकवेश्ममहोल्यां वै वशारोग्रामनामकः ॥ ११ ॥ नैमिषाद्वायव्यदेशे गोकर्णादानलेपि च ॥ चतुर्योजनमानेन तयोर्मध्ये हि वर्तते ॥ १२ ॥ यादृशं पुस्तकं ह्यस्ति तादृशं च कृतं मया ॥ मंत्राणां शुद्धमशुद्धे मम दोषो न दीयते ॥ १३ ॥ इति श्रीअवस्थीप्रयागदत्तसुतरामचरणविरचितं हिन्दीटीकासहितं रुद्रयामलतन्त्रम् समाप्तम् । पुस्तकें मिलने के स्थान :- १. खेमराज श्रीकृष्णदास, | २. गंगाविष्णु श्रीकृष्णदास, श्रीवेंकटेश्वर स्टीम् प्रेस, | लक्ष्मीवेंकटेश्वर स्टीम् प्रेस, खेमराज श्रीकृष्णदास मार्ग, | व बुक डिपो, सातवीं खेतबाड़ी खम्बाटा लेन | अहिल्या बाई चौक, कल्याण, बम्बई - ४०० ००४ | (जि० ठाणे-महाराष्ट्र) ३. खेमराज श्रीकृष्णदास, चौक-वाराणसी (उ. प्र.)

क/298

पुस्तकें मिलने के स्थान - १. खेमराज श्रीकृष्णदास, | २. गंगाविष्णु श्रीकृष्णदास, श्रीवेंकटेश्वर स्टीम् प्रेस, | लक्ष्मीवेंकटेश्वर स्टीम् प्रेस, खेमराज श्रीकृष्णदास मार्ग, | व बुक डिपो, सातवीं खेतवाडी खम्बाटा लेन | अहिल्या बाई चौक, कल्याण, बम्बई-४०० ००४ | (जि० ठाणे-महाराष्ट्र) ३. खेमराज श्रीकृष्णदास, चौक-वाराणसी-(उ. प्र.) मुद्रक एवं प्रकाशक: खेमराज श्रीकृष्णदास, अध्यक्ष : श्रीवेंकटेश्वर प्रेस, खेमराज श्रीकृष्णदास मार्ग, बम्बई-४०० ००४