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सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १

सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १

Sachitra Jyotisha Shiksha (Prarambhika Gyan Khand) Vol 1

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

DevanagariHindipublished288 पृष्ठ

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१२ : सचित्र ज्योतिष शिक्षा, प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड

पंचाङ्ग में जा बड़ी पल दिया रहता है उसके घंटा मिनट बना लो तो प्रगट हो जायगा कि सूर्योदय के उपरान्त उतने घण्टा मिनट तक वह तिथि रहेगी। उसमें सूर्योदय का समय जोड़ दो तो घड़ी के अनुसार उस तिथि के अन्त होने का समय जाना जा सकता है। पंचाङ्ग में ही सूर्योदय का समय दिया रहता है। जहाँ सूर्य उदय दिया है संकेताक्षर सू. उ. लिखा रहता है।

जैसे शनिवार को चौथ ४ घं १२ पं है४ घड़ी X ३६ = १४०
मान लो उस दिन ६ बजे सूर्योदय था तो ४१२ पल X ३६ = ४३२
घं १२ पं के १ घं ४ मि० ४८ से०योग १४०-४८
हुए। इसमें सूर्योदय के ६ घंटा जोड़े तो ७+ सूर्योदय ६-०-०
घं ४० मि ४८ से० हुए। इस समय तकयोग ७-४०-४८
उस दिन चौथ तिथि रहेगी।

घड़ी पल के घण्टा मिनट और घण्टा मिनट के घड़ी पल बनाने का अभ्यास कर लेना चाहिए, क्योंकि इनका अधिक काम पड़ता है। घड़ी पल के घण्टा मिनट या घण्टा मिनट के घड़ी पल बनाने का चक्र आगे दिया है। इस चक्र में घड़ी आदि के घण्टा आदि बनाने का एक चक्र है और घण्टा आदि के घड़ी पल बनाने का दूसरा चक्र है। पहिले चक्र में जो घड़ी दिया है उसका उत्तर घंटा मिनट में आयगा, यदि पल है तो उत्तर मिनट सेकण्ड में आयगा। विपल है तो सेकण्ड में उत्तर आयगा।

इसी प्रकार दूसरे चक्र में दिया हुआ घण्टा का उत्तर दिन घड़ी पल में, मिनट का घड़ी पल में और सेकण्ड का पल विपल में उत्तर आयगा।

जैसे ११ घंटा १० मिनट ८ से०३१ घड़ी ४० पल ५ विपल
११ घंटा= दिन-घड़ी-पल वि०३१ घड़ी=घं मि० से०
०-२७-३०-०१२-२४-०
१० मिनट= ०-२५-०४० पल= १६-०
८ सेकण्ड= ०-२०-०५ विपल= २-०
योग=०-२७-५५-००-०योग=१२-४०-२
८ दिन २७ घड़ी २५ पल २० विपल=१२ घंटा ४० मि० ० से०

यदि अपने पास यह तुलनात्मक चक्र बना कर रख लीं तो अच्छा होगा।