सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १

सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १
Sachitra Jyotisha Shiksha (Prarambhika Gyan Khand) Vol 1
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
DevanagariHindipublished288 पृष्ठ
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८ : सचित्र ज्योतिष शिक्षा, प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड
चित्र संख्या १—सूर्य के आसपास ग्रह इस प्रकार घूमते हैं ।
ग्रह और तारे में अन्तर
किसी निर्मल रात्रि को आकाश की ओर देखें तो अनेक तारागण दृष्टि गोचर होंगे; उनमें मुख्य दो प्रकार के तारागण हैं । एक साधारण तारे और दूसरे ग्रह ।
इनमें से ग्रह और तारे इस प्रकार पहिचाने जा सकते हैं—