सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १
Sachitra Jyotisha Shiksha (Prarambhika Gyan Khand) Vol 1
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ेंराशिचक्र : १७
चित्र संख्या १२—कोण नापने का चक्र
एक अर्द्धवृत्त Semi circle बनाओ ( इसमें २ समकोण और १८०° होते हैं क्योंकि प्रत्येक समकोण में ९०° होते हैं )। अब इस १८०° के अर्द्धवृत्त में एक-एक अंश का चिह्न यहाँ चित्र में बताये अनुसार बनाकर विभाग कर लें तो यह कोण नापने का चक्र या पैमाना बन जायगा। इससे किसी भी नाप का कोण बना सकते हैं।
मान लो २३° का कोण बनाना है तो १५° के आगे ८° और लो। जहाँ चित्र में तीर का निशान बनाया है वहाँ २३° हो जाते हैं। फिर जिस कागज में कोण बनाना है एक सीधी लकीर खींचकर उसमें किसी एक बिन्दु पर ( को. ) स्थान मान कर चिन्ह लगा दो। फिर उस सीधी लकीर पर इस पैमाने को इस प्रकार जमा दो जिससे पैमाने के नीचे की लकीर कागज की लकीर के ठीक ऊपर रहे और उसका ( को. ) चिन्ह पैमाने के ( को. ) बिन्दु के ठीक नीचे रहे। फिर पैमाने में जहाँ २३° पूरे हुए थे ( ण. ) स्थान के ठीक नीचे एक बिन्दु का चिह्न कागज में बनाकर उस ( ण. ) स्थान के बिन्दु से और ( को. ) बिन्दु से मिलती हुई रेखा खींचो तो ( ति. को. ण. ) से जो कोण बनेगा वह २३° का होगा।
इसी प्रकार किसी भी इच्छित अंश का कोण बना सकते हैं और किसी भी कोण को नापकर जान सकते हैं कि वह कितने अंश का है। कोण नापने का पैमाना धातु आदि का बना हुआ वाज़ार में डाईंग का सामान बेचने वाले के यहाँ मिल सकता है।
अंश के विभाग
जिस प्रकार घड़ी में १२ बजे तक के सब अंक अंकित रहते हैं और प्रत्येक खण्ड १ घण्टे का होता है; एक घण्टे के ६० विभाग करने से प्रत्येक विभाग एक मिनट का और १ मिनट के ६० विभाग करने से प्रत्येक विभाग एक सेकेण्ड का माना जाता है, इसी प्रकार राशि-चक्र के भी विभाग हैं। जहाँ राशि अंश आदि का उपयोग हुआ है।
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