सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १
Sachitra Jyotisha Shiksha (Prarambhika Gyan Khand) Vol 1
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
पृष्ठ 54, कुल 288 में से
संदर्भ में पढ़ें३६ : सचित्र ज्योतिष शिक्षा, प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड
इस हिसाब से आज ७ बजे संध्या को जो नक्षत्र सिर पर दिखेगा वह कल ७ बजे संध्या को १° पश्चिम में हुटा दिखेगा। १५ दिन में वहीँ तारा ( १५ × ४ ) = ६० मिनट ( १ घण्टा ) पहिले अर्थात् ६ बजे संध्या को सिर पर आवेगा। ७ बजे संध्या को उसे देखेगे तो १५° पश्चिम को वह तारा हुटा दिखेगा। जो नक्षत्र आज ७ बजे संध्या को सिर पर है वह तीन महीना बाद ७ बजे संध्या को आकाश में दूबते दिखेगा; अर्थात् ३ महीने में ९०° का अन्तर पड़ जाता है। जो तारा आज १० बजे रात सिर पर दिखेगा, एक महीना बाद वह सिर पर ८ बजे रात दिखेगा अर्थात् १ महीने के बाद वह तारा आज से २ घण्टा पहिले उस स्थिति में आवेगा।
इस नियम को ध्यान में रख कर नक्षत्र पर ( नकशा ) देखने का समय जान सकते हैं कि किस-किस तारीख को किस-किस समय पर चित्रपट में दिए हुए तारागण दिखाई देंगे।
नक्षत्र पट ( नकशा ) देखने का समय।
| चित्रपट संख्या ३९ | चित्रपट संख्या ४० | चित्रपट संख्या ४१ |
|---|---|---|
| तारीख | महीना | समय |
| २० नवम्बर ४ बजे रात | ८ मई ५ बजे रात | २२ अगस्त ४ बजे रात |
| ६ दिसम्बर ३ " | २३ " ४ " | ६ सितम्बर ३ " |
| २१ " २ " | ७ जून ३ " | २१ " २ " |
| ५ जनवरी १ " | २२ " २ " | ६ अक्टूबर १ " |
| २० " १२ " | ७ जुलाई १ " | २१ " १२ " |
| ४ फरवरी ११ " | २२ " १२ " | ५ नवम्बर ११ " |
| २० " १० " | ६ अगस्त ११ " | २० " १० " |
| ७ मार्च ९ " | २१ " १० " | ६ दिसम्बर ९ " |
| १२ " ८ " | ५ सितम्बर ९ " | २१ " ८ " |
| ६ अप्रैल ७ " | २० " ८ " | ५ जनवरी ७ " |
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अध्याय ८
राशियों के स्वरूप
आकाश में इन नक्षत्रों का आकार यदि ध्यान पूर्वक देखें तो कुछ आकृतियाँ बनी हुई प्रतीत होंगी। इन्हीं आकृतियों के अनुमान से राशियों का नाम पड़ा है। जैसे :-
१—मेघ=भेड़ा
२—वृष=वैल