सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 3 (Part 1)
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ेंसंकेत-सूची
यह फलित खंड अंग्रेजी, मराठी, हिन्दी और संस्कृत के अनेक ग्रन्थों के अध्ययन
मान० = मानसागरी पद्धति
मध्य प० = मध्य पराशरी
सर्व चि० = सर्वाथे चितामणि
gá सं० = सर्वं संग्रह
शंमु० = शंमुहोरा प्रकाश
ज्यो० शा० = ज्योतिष शास्त्र
ज्यो० रत्ना० =ज्योतिष रत्नाकर
ज्यो० २० = ज्योतिष रहस्य
ज्यो० पा० = ज्योतिष पाठमाला
जैसिनी० = जैमिनी सुत्र
जा० सं० = जातक संग्रह
के पश्चात् लिखा गया है 1 इसमें कुछ ग्रंथों का प्रमाण देकर उनमें नाम दिये हैं वे इस
प्रकार संकेत अक्षरों में है--
जा० भ० = जातका भरण
जा० So = जातकालंकार
श्री० qo =श्रीषर पद्धति
शीघ्र०5 शीघ्र बोघ
प्रा० यो० = प्रारब्ध योग
फल० = फल दीपिका
नील० = नोलकठी
go चं० = लग्नचंद्रिका
वृ० जा० = वृहज्जातक
qo पा० = वृहत्पाराशरी
जा० पारि० = जातक पारिजात