सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 3 (Part 1)
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
पृष्ठ 290, कुल 418 में से
संदर्भ में पढ़ें२७४ : ज्योतिष-शिक्षा, तृतोय फलित खण्ड
( २) वृष--शरोर साधारण ठिंगना, मोटा, चौरस शरीर, सकरी व मोटी गर्दन;
गोल चेहरा, हृष्ट और पुष्ट कंघे, छोटो चोड़ो और पुष्ट भुजायें, सुन्दर शरीर, घु घराले
बाळ, सुन्दर नेत्र, अभिमानो, क्रोत्रो, दोघं उद्योगी, पुराने मत से चलने वाला, दुराग्रही,
ममतालु) क्रोध आने पर परिणाम का विचार न करे, एकांत प्रिय, विषयी, साधारण
आलसो, बहुत व्योहार दक्ष, खेतो बगीचा, जमीन सम्बन्धी काम या व्यवस्थापक आदि
के कायं से लाभ हो, संगीत, आभूषण और आकर्षित पदार्थों का प्रेमी, नियमित आचरण और स्वभाव, शांति प्रिय, सहन शील । अपने स्वतंत्र विचार के अनुसार कार्य करे
दूसरों की राय के अनुसार न चले । आराम तलव, गम्भीर चित्त, उसका भेद कोई
जानने न पावे, शांत चित्त से विचार करने वाला, शीघता में कोई कायं न करे, अच्छा
स्वभाव, मीठी बोली, दयालु, प्रेमी, बहुत मित्र, जीवन में उन्नति करे, घनी हो ।
( ३ ) मिथुन--दुवला व ऊँचा शरीर नाक चेहरा ठोड़ी लम्बी, हाथ को अंगुलियां
व बाहु इसी प्रमाण से लम्बे, लम्बे पतले हाथ पैर, तीब्र भोर भेदी दृष्टि। स्वभाव
विद्या व्यसनो । लेखन, वाचन का काम करने वाला, भाषा शास्त्री, अच्छा स्वभाव,
उदार विचार, बहुत बुद्धिमान्, काम करने में तेज, बातचीत में चतुर चालाक, बहुत
गंभोरता पूवंक विचार करने को शक्ति, तक में प्रवृत्ति जिससे प्रभाव शोल और विश्वास
योग्य वार्तालाप कर सके । परिवर्तन शील अस्थिर मन, बहुत समय तक एक वात का
पाबन्द न रह सके । चतुर, सूक्ष्म रीति से वर्णन करने वाला । बातें समझने वाला,
अग्र सोचो, क्रोध शोध्र उत्पन्न, चतुराई से काम करने वाला । योग्य, प्रभाव शील वक्ता
ओर लेखक, तेज बुद्धि। स्वमाव के गुण से प्रसिद्धता की संभावना । कला और विज्ञान
सीखने में रुचि । बिना रुकावट के काम करनेवाला जिससे स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव
पड़े । अच्छी मानसिक शांति न प्राप्त कर सके । उसके सम्बन्धी उसके सहायक गौर
पालक हों ।
( v ) कर्क--मध्यम शरीर, गोल चेहरा, निस्तेज वर्ण, छोटी नाक, चलते में टेढ़ी- गति । स्वभाव शांत, शोध संस्कार ग्रहण करने वाळा, नुकता चोनी करने वाला,
चंच$, प्रवास या नित्य नवोन देश देखने या घुमने का प्रेमा, माता-पिता से इसे लाभ
हो। जमोन खेती आदि के व्योहार से इसे लाभ हो । इसे सावेजनिक काम बिलकुल
आगे आने वाला दिखता है । मिलनसार, आनंद ओर भोग का प्रेमी, सुन्दर और स्वच्छ वस्त्रं का प्रेमी, शरोर को स्वच्छता और सुन्दरता के दिखावे का प्रमो, विचिछ ओर सुन्दर वस्तुओ का प्रेमो । प्रभाव शोल रहन: सहन आचरण । क्ंव्यशील, गुरु ओर घाभिक मनुष्यों का मान करने वाळा । मिष्ठान्न और स्वादिष्ट भोजन का प्रेमी । अपने कुटुम्शियो से अच्छा बताये । रुचि और अरुचि में तीव्र । जिसे चाहे उससे वार्ता- - जाप में आनन्द हो उसरी राय पर ध्यान देवे जिसे न चाहे उसकी संगति और परामशां
स्वीकार न करे 1 किन्हो वस्तुओं के मूल्य उपयोग में अच्छो समझ जिससे लाभ या सफ- लता हो । पुश स्त्रो से या स्त्री पुरुष से मिलने में बहुत योग्य । ç