भारतकोश
सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ४

सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ४

Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 4

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

DevanagariHindipublished280 पृष्ठ

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१०४ : सचित्र ज्योतिष शिक्षा, चतुर्थ वर्षफल खण्ड

सूये की राशि दाहिनी और दी है जिसमें प्रगट होता है कि उस सम्वत में जब सूर्ये

स्पष्ट उतना होगा तंव॑ तक वह दशा रहेगी ।

समय निकालना

यह वर्ष सम्बत २००२ का निकाला है और जन्म का या वर्ष का सूर्य ११-४९-

२३/८ है अर्थात्‌ इस समय से दशा आरंभ होती है। इसके आगे २१ दि० ६ घ०

४३ प० गुरु की दशा के इसमें दिये तो प्रगट हुआ कि सम्बत २००२ में जब सूर्य

स्पष्ट १९-२६०-३९/-५१” होगा तब गुरु की दशा का अंत होगा । इसमें शनि की

दशा का समय जोड़ा तो शनि की दशा का अन्त होने का समय निकल आया । इसी

प्रकार आगे के ग्रहों का समय जोड-जोड़ कर उन दशाओं के अन्त होने का सम्बत

सम्वत+-वर्षं और सूर्यं स्पष्ट निकाल लेना। ग्रह की वर्ष दशा और सम्वत

राशि मास आदि के जोड़ते समय यहाँ बताये अनुसार जोड़ना । विकला में

अंश + दिन पल, कला में घड़ी, अंश में दिन, राशि में मास और सम्बत में

कला घड़ी वर्ष जोड़ना। इसके आगे पंचांग देखकर कि उक्त सूर्य स्पष्ट कौन

विकला पल दिनांक को आता है लिख दो तो प्रत्येक ग्रह की दशा के अंत होने

का दिनांक महीना और सन्‌ प्रकट हो जायगा ।

मुद्दा दक्षा की अंतर्दशा निकालने की रीति र

अह सूर्य चंद्र मंगल राहु गुरु दानि बुध केतु शु.

महा दशा दिन १८ ३० २१ ५४ ४८ ५७ ४५१ २१ ६०

मंतदंशा गुणक ४ ८ द ७ १० ६ ९ ५ ६

या ध्रुव

(महा दशा दिन >% अंतरग्रह का गुणक) <- ६०=लब्धि अंतर्दशा का दिन घटी ।

अर्थात्‌ जिस ग्रह की महा दशा में अंतर्दशा निकालनी है उसके वर्ष लेना उसमें

प्रत्येक अंतर्दशा के ग्रह का ध्रुव अर्थात्‌ गुणक से गुणा कर गुणन फल में ६० का भाग

देना तो दिन घटी मंतरदंशा का समय निकल आता है। जिसकी महा दशा होगी

उसकी अंतर्दशा का समय निकल आता है । जिसकी महा दशा होगी उसकी अंतदंशा

प्रथम होती है।

अंतर्देशा निकालने का उदाहरण

सूर्य की अंतर्देशा=सूये दिन १५ > अंतर्गुणक

महा दशा > अंतर्दशा का गुणक

१ सूये में सूर्य १८ > ४-१ ६४७४ -है>-दिन घड़ी १-१२ २ सूर्य में चंद्र १८% प ई 5१३३-०२-२४

३ सूर्य में मंगल १८ > ५८ ईक ८००१-३०

४ सूर्य में राहु १८ १८ ७-१ ६६०१ ३$=२-६

भू सूर्य में गुरू ८> १०२१ इक ९ = ६ह:३-०

६ सूर्य में शनि १८०८ ६८ ६३९ = ६६-१-४८