सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ४
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 4
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
पृष्ठ 117, कुल 280 में से
संदर्भ में पढ़ेंविशोत्तरी मुद्दा दशा : १०९
मुग्धा दिन दशा निकालना
जिस प्रकार मुग्धा की मास दशा निकाली जाती है उसी प्रकार मुद्दा दशा कौ
दिन दशा भी. निकाली जाती है। ३६२ में ग्रह के उक्त दिन हैं तो ६० घड़ी में
उ११=१ घड़ी पल होगी । ग्रह के दिन में ६ का भाग देने से जो घड़ी पल आवे वही
दिन दशा में उसका समय होगा । जैसे सूयं १८ दिन > ६८३ घड़ी । यही नीचे चक्र
में दिया है।
मुग्धा दिन दशा चक्र
क्रम पे. २ ३ ४ १. ६ OSPR
ग्रह सूर्यं चंद्र मंगल राहु गुरु शनि वुध केतु .शुक्त योग
घड़ी ३ ५ ३ ९ ८ ९, छा 3 ४ १००३४६७
पल ° ° ३० ° ° ३० ३० ३० °
मुग्धा दिन दक्षा निकालना
(दिन प्रवेश नक्षत्र + लग्न-७) > ९=शेष=ग्रह की दिन दशा उपरोक्त क्रम से।
दिन प्रवेश के समय जो स्पष्ट लग्न हो उसमें दिन प्रवेश के नक्षत्र की संख्या
जोड़ कर और ७ मिला कर ९ का भाग देना जो शेष वचे उस ग्रह की दशा
उपरोक्त क्रम से हो गई । मुद्दा मास दशा के नक्षत्र का जो चक्क दिया है उसके
अनुसार ही कई दिन प्रवेश का नक्षत्र देखकर दिन दशा निकाल लेते हैं । जैसे उस
दिन स्वाती नक्षत्र हो तो चक्रानुसार राहु की दशा होगी क्योंकि उस नक्षत्र के ऊपर
राहु ग्रह चक्र में दिया है।
योणिनी मुद्दा दशा
जातक की योगिनी दशा के अनुसार ही इसका क्रम है। योगिनी दशा ३६ वर्षे
की होती है वह यहां एक वर्ष में भक्त हो जाती दै । ३६ वर्ष-३६० दिन के है तो १
वर्ष में =१० दिन । इस कारण योगिनी दक्षा के वपं में १० का गुणा करने से वर्ष
की योगिनी दशा के दिन निकल आते हैं । जैसे संकटा के वर्ष ८ हैं | ८2६ १०८८०
दिन=२ मास १० दिन हुए ।
योगिना मुद्दा दशा का समय
१ २ ३ ¥ Lh ६ ७ ८
मंगला पिंगला धान्या भ्रामरी भद्रा उल्का सिद्धा संकटा योग
वोगनी-दला-व्ष 4. २-४ =n ७८ नरपती
वपं दशा में मास ० ० १ १ १ २ २ २ १२मास
भोगने के दिन १० २० ० १० २० ० १० २० २
योगिनी दशा का समय निकालना
( जन्म नक्षत्र +३-+गताब्द ) ५ ८>शेष योगिनी दशा उपरोक्त क्रम से
उदाहुरण=जन्म नक्षत्र धनिष्ठा २३