सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ४
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 4
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
पृष्ठ 165, कुल 280 में से
संदर्भ में पढ़ेंदिन प्रवेश साधन का उदाहरण : १५७
(४) इष्ट सूर्य ५-५-३२-१ अंतर २०-५८” _ १७३८” _ दिन ध. प, वि.
पंक्ति ५-८- ४-११ गति ५८-५० ३५३० ०-२९-३२-२७"
अंतर = -०¬२८-५८५ =इष्ट घ. प. वि. चालन+-
२-९-३२-२७
(५) इष्ट सूयं ५-९-३३-९ ` अंतर ३०-६” _ १८०६” _दि. घः प. वि.
पंक्ति ५-९- ३-३ गति ५८-५२ ३५३२ ०-३०-४०-४६.
अंतर =०-०-३०-६ + इष्ट घ. प. वि- चालन +
३०-४०-४६
(६) इष्ट सूर्यं ५-१०-३३-९ - अंतर ३१-१४” _ १८७४” _ दि. घ. प. वि.
पंक्ति ५-१०- १-५५ गति ५८-५५ ४८-५५ ०-३१-४८-२७-
अंतर =०¬ ०-३१-१४ =इष्ट घ. प. वि चालन --
३१-४८-२७
इसी प्रकार पुरे ३० दिन का दिन प्रवेश का इष्ट निकाल लेना चाहिए यहाँ पंक्ति:
इष्ट सूर्य बड़ा है। इससे चालन+है । अंतर कला विकला की विकला बना ली गतिः
'की विकला वनाकर यहाँ भाग देने से जो चालन+प्राप्त हुआ इष्ट काळ? होने से +
चालन जोड़ने से वही रहा जो चालन से अंक प्राप्त हुआ था इस प्रकार वही दिन
प्रवेश का इष्ट काल आया “जैसा ऊपर के गणित से प्रकट होगा । प्र त्येक दिन प्रवेशः
कॉ गणित द्वारा प्राप्त उत्तर नीचे चक्र में दिया है। |
दिन पक्ति अंतर
प्रवेश क, वि. घ.
२५ ३३ २६
२६ ४१ २७
२७ ४९ २८
रप ५८ २९
३० ६ २०
३१ १४ ३१
३२ २३ २२
३३ ३१ ३४ ३४
३५ १४ ३५
३६ ६ ३६
३६ ५७-३७
"0 न9छ NN 2८ ७ -० ॥WHS ० ७० ३७ ४९ ३८
००७ ७०९ ~ ~
प्राप्त इष्ट लग्न प. वि., नच.
६ ३० कुम्भ ३०- ३
१५ ३ कुम्भ २९८५९
२३ : ३ कुम्भ २९-५६
३२ २७ मीन २९-५३
४० ४६ मीन २९--४९
४८ २७ मीन २९-४६
५७ ३६ मेप २९-४३
प २९ मेष ९-४०
५६ ४६ मेष २९-३६
- ३८ ५६ मेष २९-३३
३८ २२ वृष २९-३०
२८ ५१ वृष २९-२७
२० १८ वृष २९-२४
दिन मान दिन प्रवेश
प. रातया दिनमें
तारीख
सन् १९४५
दिन में शनिवार २२ सितंबर”
दिन में इतवार २३
दिन में सोमवार .२४
दिन में मंगलवार २५
रात में बुधवार २६
रात में गुरुवार २७
रात में शुक्रवार २८
रात में शनिवार. २९
रात में इतवार ३०
रात में सोमवार १ भक्टूवरः
रात में मंगलवार २
रात में बुधवार ३
रात में गुरुवार ४