भारतकोश
सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ४

सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ४

Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 4

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

DevanagariHindipublished280 पृष्ठ

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सास जानना

ब्र. तु. अ.+३=२७८६९९

+४०२ लब्धि ब”

६३)२७९१०१(४४३०

२५२ उनाह क०

२७१

RRR

१९०

१५९

११

शेष त्यागा

ब्र. तु. अ. २७८६९६

+उनाह्‌ ४४३० क०

३०)२८३१२६(९४३७ लब्धि

शेष १६+ १=१७ तिथि

वषं प्रदेप की

तिथि १७-१५२ कृष्ण पक्ष की

चैत्र शुक्ल १ से गिना फाल्गुन शुक्ल १

तक ११ गत मास हुए

गताव्द समूह ७६२

+११०५

वर्ष प्रवेश शाका = १८६७

मासगण

वर्ष साधन : १३

मास गण ९४३७

१८-७४

ह 27

९२८)१८९४०(२० लब्धि ङ

१८५६

३५८०

छोड़ा

मास गण % २-- ६६८१८२४०

१८९४०

-२० लब्धि ङ

६७)१८९२०(२८२ लब्धि ई०

१३४

५५२

५३६

१६०

१३४

२६

छोड़ा

मासगण ९४३७

-लग्धि ई २८२ घटाया

१२)९१५५(७६२ लब्धि

दद मताक.

७५ समूह

७२

३५

२४

शेप ११ मासगण

इस प्रकार वर्ष प्रवेश शाका १८६७ में फाल्गुन शुक्ल १ के उपरांत १७ तिथि

हो जाने पर अर्थात चैत्र कृष्ण २ तिथि कोः मंगलवार के दिन इष्ट घटी ४५ प०

१४५ वि० ४२॥ पर वर्ष प्रवेश होगा ।

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