सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ४
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 4
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
पृष्ठ 276, कुल 280 में से
संदर्भ में पढ़ें२६८ : सचित्र ज्योतिष शिक्षा, चतुर्थ वर्षफल खण्ड
चक्क और दृष्टि चक्र लिखना । षडवर्ग चक्र द्वादश वर्ग चक्र, हषेवल चक्र बनाना ।
मुंथा स्पष्ट करना 1
पश्चात् वर्षेश फळ, वर्ष कुण्डली का भाव फङ, मुंबा फ, मुंथेश फर , लिखना त्रिपताका चक्र बना कर वेध फ लिखता । मुग्धा दशा व उपकी अन्तर्दशा, योगिनी दशा और उसको अन्तर्दशा, पत्यांशी दशा और उपकी अन्तर्ददा लिखकर इन सब का फल लिखना ।
इसी प्रकार मास प्रवेश कुण्डली बनाकर या आवश्यकता हो तो दिन प्रवेश कुण्डली बनाकर किता उनका भाव फड मासेश और दिनेश फळ मुं था फछ मुंथेश 'फल, मास मुद्दा दशा और उसका फछ लिखना ।
परचात सहन चक्र व सहम कुण्डली बनाकर सहम फछ और सहमेश फल (लिखना इस प्रकार कितने ही विस्तार से वर्ष फल छिख सकते हो ।