भारतकोश
सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ४

सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ४

Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 4

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

DevanagariHindipublished280 पृष्ठ

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बट. संचित्रे ज्योतिष शिक्षा

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ज्योतिष के ऱ्य, सकत में ही हैं। ल से अनभिज्ञ साया

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के लिए इस माध्यम से. | न

ऐसी पुस्तक की सरलता से अध्ययन Fe करस @\ ज्य

इस प्रयोजन को ध्यो रही प्रस्तूत : पुस्तक सात खण्डो में. प्रकाशित

की गई है । ये सात बण , फलित, वर्ष-फल, प्रश्न, मुहूत्त

तथा संहिता खण्ड हँ, 1

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में पूरी जन्मपत्री बलाने-कीविधि है ।

दरण रीति देकर पूरी गणित-प्रक्रिया दी रर भागः र० १००; द्वितीय भाग : शीघ्र.

सम्बन्धी. बातें दी गई हैं और महापुरुषों 07 देकर] समझाया गया है । शीध्

दु , योग, वर्गे, स्थान आदि ज्योतिष के

प र्‌ A विद 22 किया गया है। य? ५०. ` 20 ४४ |: 2. (1 कु दश -विचार के साथ भाग्य, धर्म, कीति, षयो पर विचार प्रकट किया गया है।

र सम्बन्धों म्बन्धो पर ग्रह-प्रभाव का ज्ञान प्राप्त (पामा अनुपम है । द० ६०

कोरा गणित उदाहरण देकर समझाया `

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    1. गया है। रु० ४०

& सम्प “जानकारी उपलब्ध है । शुभाशुभ

]. ह. रु० १६

श्री विषयों पर विस्तार से विचार. : “अ्रतिकल परिस्थितियों के अनुसार देश्या |

बताए गए हैं । किसी भी देशके ।

न: र छयोवरिविद्‌ इस खण्ड का सफल उपयोग (भाज्य पय भ्रौर पाश्चात्य दोनों रीतियों का

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POTD हुन सम्बन्ध

सीदास

पटना