भारतकोश
सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ४

सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ४

Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 4

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

DevanagariHindipublished280 पृष्ठ

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२२ : सचित्र ज्योतिष शिक्षा, चतुर्थं वर्थ फल खग्ड

२७ प० ४० मिला इसे वर्ष प्रवेश के वार घ० प० में जोडा यहाँ रा० ५० के समय

का वार आदि सारिणी से मिल गया | परन्तु शेष ३३” ९” का और सारिणी अंक

चाहिये था इसको निकालने के लिये ५? का जो सारिणी अंक था और उससे आगे

६० का जो सारिणी अंक है, दोनों का अन्तर निकाला । उपरांत अन्तर और शेष का

गोमूत्रिका क्रम से गुणा करना । गुणन फल जो चालन प्राप्त होगा, यदि आगे का

सारिणी अंक बड़ा हो वह + होने से जुड़ेगा, कम हो तो ऋण होने से घटेगा तब परे

सूर्य का बार घ० प० निकल आयगा ।

यहाँ शेष ३३” ९” और अन्तर घ० १ प० १३ का गुणा करने से घ० ० प० ३९

वि० ४६ आया आगे का सारिणी अंक बडा था इस कारण यह + होने से पूर्व योग

वार ४ घ० ५७ पल २४ वि० १२॥ में जोडा तो वार ४ घ० ५८ प० ३ वि० ५८॥

हो गया । यह दूसरे मास प्रवेश का समय निकल आया । इस समय पर की कुण्डली

बनाने पर दुसरे मास प्रवेश की कुण्डली बन जायगी ।

सूर्य की राशि में १ राशि और बढ़ाकर अर्थात्‌ रा० १-५० का सारिणी अंक

लेकर जोड़ने के उपरांत ३३” ९” का अनुपातिक समय जोड़ देने पर तीसरे मास

प्रवेश का समय निकल आयगा इसी प्रकार पूरे १२ मास का प्रवेश निकाल लेना ।

आगे गणित द्वारा मास प्रवेश निकालने के कई उदाहरण दिये हैं ।

अध्याय ३

दिन प्रवेश निकालना

जब प्रत्येक दिन का सूक्ष्म फल निकालना हो तो प्रत्येक मास के अन्तंगत प्रत्येक

दिन का दिन प्रवेश काळ निकाल कर उसकी दिन प्रवेश कुण्डली वना ली जाती है ।

इस प्रकार वर्ष भर के प्रत्येक दिन की दिन प्रवेश कुण्डली वनाई जा सकती है ।

दिन प्रवेश काल निकालने की रीति

सूय का प्रत्येक अंश एक दिन के बरावर होता है, इस कारण मास प्रवेश के सूर्य

में एक-एक अंश बढ़ाते जाना तो प्रत्येक दिन का दिन प्रवेश का सूर्य बन जाता है ।

मास प्रवेश सूर्य + गत दिन (मास प्रवेश से इष्ट दिन तक उतने ही अंश जोड़ना)

=दिन प्रवेश का सूर्य । अर्थात्‌ जिस मास में जितनी संख्या का दिन प्रवेश निकालना

हो तो उतनी दिन रात की संख्या निकाल कर जितने दिन मिलें उतने अंश मास प्रवेश के सूर्य में मिळाना तो सूर्य की राशि अंदाकलादि जो निकले वही दिन प्रवेश का

सूर्य होगा। जितने दिन हों उसमें से १ घटाने से से जो दिन प्राप्त हो उतने अंक