सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ४
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 4
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ेंअच्याय १
वर्षे साधन
वर्षे प्रवेश निकालने की रीति- (१) पहली रीति
( इष्ट शाका-जन्म शाका )=गत वर्षेस्गताब्द
गत वर्ष (७ मगत वर्ष ) =वार और घटी=अ०
म बी पल विपलः=त्र०
( उपरोक्त अ० व०=वर्षं का वार घटी पल विपल
+जन्म का वार घटी फल विपल
=योग =वर्ष प्रवेश का वार घ० प० वि०
टिप्पणी---७ वार से अधिक हो तो = ७=शेष वार लेना
शेष १ २ ३ ४ भू. ६ ७ या०
वार इतवार सोमवार मंगल बुध गुरु शुक्र शनिवार
उदाहरण--
जन्म सम्वत १९४६ शाका १८११ चैत्र कृष्ण १३ मंगलवार (३) शतभिषा
नक्षत्र (२४), साध्ययोग (२२), लग्न मिथुन (३)
इष्ट घ० १५प०५१वि०४२॥ रवि स्पष्ट रा० १५-५९-३४'-७” है । ४)५६(१४
५६
` लढ्धि इष्ट वर्ष २००२ सम्वत का वर्ष निकालना है । x
इष्ट वर्ष २००२ सम्वत (` +५६) १४- ५६=७० वार =ऽइ- वार०-अ०
पप्या शेण ना (५६२१) _ ११७६ घ०२९ पल २४-ब?
गत वर्पे-५६ ४० ४०
अण्स्वार् घ० पर वि० वर्षे का वार घ० प० वि०
७०७-.०--. ०". ०. ०-२९-२४-०
व०=+ २९-२४० क+जन्म का३-१५-५१-४२॥
"वर्षे का-०-२९-२४-० वर्ष प्रवेश-३-४५-१५-४२॥
यहाँ वार प्रवेश का वार ३ मंगलवार है । इस दिन इष्ट घ०४५ प०१५ वि०
४२॥ पर वर्ष प्रवेश है । इतने इष्ट का ग्रह स्पष्ट और भाव स्पष्ट कर वर्ष की लग्न
कुण्डली बनानी पड़ेगी ।
(२) दूसरी रीति
(१) गत वर्ष % १३=वार घटी