भारतकोश
सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ४

सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ४

Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 4

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

DevanagariHindipublished280 पृष्ठ

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अच्याय १

वर्षे साधन

वर्षे प्रवेश निकालने की रीति- (१) पहली रीति

( इष्ट शाका-जन्म शाका )=गत वर्षेस्गताब्द

गत वर्ष (७ मगत वर्ष ) =वार और घटी=अ०

म बी पल विपलः=त्र०

( उपरोक्त अ० व०=वर्षं का वार घटी पल विपल

+जन्म का वार घटी फल विपल

=योग =वर्ष प्रवेश का वार घ० प० वि०

टिप्पणी---७ वार से अधिक हो तो = ७=शेष वार लेना

शेष १ २ ३ ४ भू. ६ ७ या०

वार इतवार सोमवार मंगल बुध गुरु शुक्र शनिवार

उदाहरण--

जन्म सम्वत १९४६ शाका १८११ चैत्र कृष्ण १३ मंगलवार (३) शतभिषा

नक्षत्र (२४), साध्ययोग (२२), लग्न मिथुन (३)

इष्ट घ० १५प०५१वि०४२॥ रवि स्पष्ट रा० १५-५९-३४'-७” है । ४)५६(१४

५६

` लढ्धि इष्ट वर्ष २००२ सम्वत का वर्ष निकालना है । x

इष्ट वर्ष २००२ सम्वत (` +५६) १४- ५६=७० वार =ऽइ- वार०-अ०

पप्या शेण ना (५६२१) _ ११७६ घ०२९ पल २४-ब?

गत वर्पे-५६ ४० ४०

अण्स्वार्‌ घ० पर वि० वर्षे का वार घ० प० वि०

७०७-.०--. ०". ०. ०-२९-२४-०

व०=+ २९-२४० क+जन्म का३-१५-५१-४२॥

"वर्षे का-०-२९-२४-० वर्ष प्रवेश-३-४५-१५-४२॥

यहाँ वार प्रवेश का वार ३ मंगलवार है । इस दिन इष्ट घ०४५ प०१५ वि०

४२॥ पर वर्ष प्रवेश है । इतने इष्ट का ग्रह स्पष्ट और भाव स्पष्ट कर वर्ष की लग्न

कुण्डली बनानी पड़ेगी ।

(२) दूसरी रीति

(१) गत वर्ष % १३=वार घटी