भारतकोश
समझ से प्राप्त ब्रह्मचर्य

समझ से प्राप्त ब्रह्मचर्य

Samaj Se Prapt Brahmacharya

दादा भगवान द्वारा

स्रोत: दादा भगवान आराधना ट्रस्ट, 'दादा दर्शन', उस्मानपुरा, अहमदाबाद · दादा भगवान आराधना ट्रस्ट · 2005 (उद्गम)

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[ १ ]

‘फाइल’ के सामने सख्ती

विकारी दृष्टि के सामने ढाल

प्रश्नकर्ता : वह यदि मोह का जाल डाले तो उससे कैसे बचें?

दादाश्री : तुम्हें नजर ही नहीं मिलानी है। तुम्हें पता है कि यह जाल खींच लेगा, तो उसके साथ नजर ही नहीं मिलानी है।

प्रश्नकर्ता : लेडीज के साथ नजर से नजर नहीं मिलानी चाहिए?

दादाश्री : हाँ, नजर से नजर नहीं मिलानी चाहिए और जहाँ तुम्हें लगे कि यहाँ तो फँसाव ही है, तो वहाँ पर तो उससे मिलना ही नहीं चाहिए। तुम्हें तुरंत ऐसा पता चल जाएगा न कि यह बुरी है?

प्रश्नकर्ता : व्यवहार में जो अपने जान-पहचानवाले होते हैं, वे आकर हम से बात करें तो उसका हमें समभाव से निकाल करना चाहिए, लेकिन उसमें उसकी दृष्टि खराब हो तो हमें क्या करना चाहिए?

दादाश्री : तो तुम्हें नीची नजर रखकर सारा काम करना चाहिए। छोटी उम्र के हो, इसमें और कुछ नहीं समझते, उसके सामने ऐसा कर देना चाहिए कि और उसे ऐसा ही लगे कि यह