समझ से प्राप्त ब्रह्मचर्य

समझ से प्राप्त ब्रह्मचर्य
Samaj Se Prapt Brahmacharya
दादा भगवान द्वारा
स्रोत: दादा भगवान आराधना ट्रस्ट, 'दादा दर्शन', उस्मानपुरा, अहमदाबाद · दादा भगवान आराधना ट्रस्ट · 2005 (उद्गम)
DevanagariHindipublished482 पृष्ठ
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समझ से प्राप्त ब्रह्मचर्य (पूर्)
फायदा करना! प्रोग्रेस भी आत्मा का स्वभाव है। आपको तो सिर्फ जागृति ही रखनी है कि गिर न जाए। और नीचे गया हो, उसे सुधारने के लिए 'फुल' 'फेज' में मशीनें और लश्कर-वशकर सहित तैयारी करो! अपनी सेफ साइड रहे, उस तरह चलते ही रहना। अपनी ट्रेन मोशन में ही रहे, वैसा करते रहना। सिर्फ विषय के बम ही बहुत जबरदस्त होते हैं, एक मिनट के लिए भी उसका विश्वास नहीं रख सकते।
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