समझ से प्राप्त ब्रह्मचर्य
Samaj Se Prapt Brahmacharya
दादा भगवान द्वारा
स्रोत: दादा भगवान आराधना ट्रस्ट, 'दादा दर्शन', उस्मानपुरा, अहमदाबाद · दादा भगवान आराधना ट्रस्ट · 2005 (उद्गम)
दादा भगवान फाउन्डेशन के द्वारा प्रकाशित पुस्तकें
१. ज्ञानी पुरुष की पहचान २. सर्व दुःखों से मुक्ति ३. कर्म का सिद्धांत ४. आत्मबोध ५. मैं कौन हूँ ? ६. वर्तमान तीर्थंकर श्री सीमंधर स्वामी ७. भुगते उसी की भूल ८. एडजस्ट एवरीव्हेयर ९. टकराव टालिए १०. हुआ सो न्याय ११. चिंता १२. क्रोध १३. प्रतिक्रमण १४. दादा भगवान कौन ? १५. पैसों का व्यवहार १६. अंतःकरण का स्वरूप १७. जगत कर्ता कौन ? १८. त्रिमंत्र १९. भावना से सुधरे जन्मोंजन्म २०. माता-पिता और बच्चों का व्यवहार २१. प्रेम २२. समझ से प्राप्त ब्रह्मचर्य | २३. दान २४. मानव धर्म २५. सेवा-परोपकार २६. मृत्यु समय, पहले और पश्चात २७. निजदोष दर्शन से... निर्दोष २८. पति-पत्नी का दिव्य व्यवहार २९. क्लेश रहित जीवन ३०. गुरु-शिष्य ३१. अहिंसा ३२. सत्य-असत्य के रहस्य ३३. चमत्कार ३४. पाप-पुण्य ३५. वाणी, व्यवहार में... ३६. कर्म का विज्ञान ३७. आप्तवाणी - १ ३८. आप्तवाणी - २ ३९. आप्तवाणी - ३ ४०. आप्तवाणी - ४ ४१. आप्तवाणी - ५ ४२. आप्तवाणी - ६ ४३. आप्तवाणी - ८ ४४. समझ से प्राप्त ब्रह्मचर्य (पूर्वार्ध-उत्तरार्ध) ---|---
★ दादा भगवान फाउन्डेशन के द्वारा गुजराती भाषा में भी ५५ पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं। वेबसाइट www.dadabhagwan.org पर से भी आप ये सभी पुस्तकें प्राप्त कर सकते हैं।
★ दादा भगवान फाउन्डेशन के द्वारा हर महीने हिन्दी, गुजराती तथा अंग्रेजी भाषा में “दादावाणी” मैगैज़ीन प्रकाशित होता है।
प्राप्तिस्थान
दादा भगवान परिवार
अडालज : त्रिभंदि, सीमंथर सिटी, अहमदाबाद-कलोल हाईवे, पोस्ट : अडालज, जि.-गांधीनगर, गुजरात - 382421. फोन : (079) 39830100, E-mail : info@dadabhagwan.org
राजकोट : त्रिभंदि, अहमदाबाद-राजकोट हाईवे, तरघड़िया चौकड़ी (सर्कल), पोस्ट : मालियासण, जि.-राजकोट. फोन : 9924343478
भुज : त्रिभंदि, हिल गार्डन के पीछे, एयरपोर्ट रोड. फोन : (02832) 290123
मोरबी : त्रिभंदि, मोरबी-नवलखी हाईवे, पो-जेपुर, ता.-मोरबी, जि.-राजकोट. फोन : (02822) 297097
सुरेन्द्रनगर : त्रिभंदि, सुरेन्द्रनगर-राजकोट हाईवे, लोकविद्यालय के पास, मुख्य रोड. फोन : 9737048322
गोधरा : त्रिभंदि, भांमैया गाँव, एफसीआई गोडाउन के सामने, गोधरा. (जि.-पंचमहाल). फोन : (02672) 262300
अहमदाबाद : दादा दर्शन, ५, ममतापार्क सोसाइटी, नवगुजरात कॉलेज के पीछे, उस्मानपुरा, अहमदाबाद-380014. फोन : (079) 27540408
वडोदरा : दादा मंदिर, १७, मामा की पोल-मुहल्ला, रावपुरा पुलिस स्टेशन के सामने, सलाटवाड़ा, वडोदरा. फोन : 9924343335
मुंबई : 9323528901 दिल्ली : 9810098564
कोलकता : 9830093230 चेन्नई : 9380159957
जयपुर : 9315408285 भोपाल : 9425024405
इन्दौर : 9039936173 जबलपुर : 9425160428
रायपुर : 9329644433 भिलाई : 9827481336
पटना : 7352723132 अमरावती : 9422915064
बंगलूर : 9590979099 हैदराबाद : 9989877786
पूणे : 9422660497 जलंधर : 9814063043
U.S.A. : Dada Bhagwan Vignan Institute :
100, SW Redbud Lane, Topeka, Kansas 66606
Tel. : +1 877-505-DADA (3232),
Email : info@us.dadabhagwan.org
U.K. : +44 330-111-DADA (3232) UAE : +971 557316937
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उसने जीत लिया जगत्!
अब्रह्मचर्य के विचार आएँ लेकिन अगर ब्रह्मचर्य की शक्तियाँ माँगता रहे, तो वह बहुत बड़ी बात है। ब्रह्मचर्य की शक्तियाँ माँगते रहने से किसी को दो साल में, किसी को पाँच साल में, लेकिन बैसा उदय आ जाता है। जिसने अब्रह्मचर्य जीत लिया, उसने पूरा जगत् जीत लिया। ब्रह्मचर्यवाले पर तो शासन देवी-देवता बहुत खुश रहते हैं!
-दादाश्री
ISBN 978-81-81128-46-3
9 788158 128663 >
Printed in India
Price ₹ 100