भारतकोश
सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Samaveda Samhita with Hindi Translation

डा. रेखा व्यास द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished310 पृष्ठ

पृष्ठ 259, कुल 310 में से

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पृष्ठ 259

तीसरा खंड अदाभ्यः पुरुरएता विशामग्निर्मानुषीणाम्. तूर्णी रथः सदा नवः.. (१) हे अग्नि! आप मनुष्यों के पथप्रदर्शक, आगे चलने वाले, रथ के समान वेगवान व युवा हैं. आप को कोई नहीं दबा सकता है. (१) अभि प्रया २९ सि वाहसा दाश्वाँ अश्नोति मर्त्यः. क्षयं पावकशोचिषः.. (२) हे अग्नि! आप पवित्र, प्रकाशमान व हविवाहक हैं. हम हविदाता मनुष्य आप से अच्छा घर मांगते हैं. (२) साह्वान्विश्वा अभियुजः क्रतुर्देवानामामृक्तः. अग्निस्तुविश्रवस्तमः.. (३) हे अग्नि! आप शत्रुओं की सेना को हराने वाले, दिव्यगुणदाता व भरपूर अन्नदाता हैं. हम आप को सभी अग्नियों सहित आमंत्रित करते हैं. (३) भद्रो नो अग्निराहुतो भद्रा रातिः सुभग भद्रो अध्वरः. भद्रा उत प्रशस्तयः.. (४) हे अग्नि! हम आप को आहुति देते हैं. आप हमारा कल्याण कीजिए. आप सौभाग्यशाली हैं. आप की कृपा हमें प्राप्त हो. हम कल्याणकारी स्तुतियां गा रहे हैं. आप हमारा कल्याण कीजिए. (४) भद्रं मनः कृणुष्व वृत्रतूर्ये येना समत्सु सासहिः. अव स्थिरा तनुहि भूरि शर्धतां वनेमा ते अभिष्टये.. (५) हे अग्नि! आप हमारा मन कल्याणकारी बनाइए, पापमय विचारों व बुरी प्रवृत्तियों को दूर कीजिए. हम कल्याण के लिए आप की स्तुति करते हैं. आप हमें स्थिर बनाइए और हमें बहुत सा धन दीजिए. (५) अग्ने वाजस्य गोमत ईशानः सहसो यहो. अस्मे देहि जातवेदो महि श्रवः.. (६) हे अग्नि! आप बलवान, ईश्वर व गायों के स्वामी हैं. आप सब कुछ जानते हैं. आप हमें भरपूर वैभव प्रदान करने की कृपा कीजिए. (६) स इधानो वसुष्कविरग्निरीडेन्यो गिरा. रेवदस्मभ्यं पुर्वणीक दीदिहि.. (७) हे अग्नि! आप सब के लिए आवासदाता हैं. ज्ञान से भरी स्तुति से आप की उपासना की जाती है. आप प्रकाशमान हैं. आप हमें प्रकाशमान संपदा दीजिए. (७) क्षपो राजन्नुत त्मानाग्ने वस्तोरुतोषसः. स तिग्मजम्भ रक्षसो दह प्रति.. (८) हे अग्नि! आप प्रकाशमान हैं. आप दिनरात (हर समय) दुष्टों को पीड़ा पहुंचाइए. आप तेजस्वी हैं. आप राक्षसों को जला कर भस्म कर दीजिए. (८) ebook converter DEMO Watermarks*