समयसार (प्राकृत गाथा एवं हिन्दी-अंग्रेजी व्याख्या)
Samayasara of Acharya Kundakunda with Hindi Commentary
आचार्य कुन्दकुन्द / अमृतचन्द्र सूरि द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंशब्दानुक्रमणिका आस्रव 10, 28, 35, 36, 37, 55, 79, 80, 85, 92, औद्देशिक 137 इन्द्रिय 5, 18, 27, 33, 49, 93, 177, 178, 179 उदयस्थान 28 उपगूहन 112 उपघात 115, 116, 117, 160 उपयोग 15, 30, 44, 45, 47, 48, 50, 57, 60, 64, 84, 88, 116, 117, 146 ऊर्ध्वलोक 159 एकत्व 4, 5, 57, 91 कर्मप्रदेश 3 कर्म-रज 116, 117 कषाय 44, 55, 64, 76, 78, 79, 82, 110, 134, 135 कांक्षा 104, 105, 110, 136 काम 5 काल 4, 189 काल द्रव्य 189 कुन्दकुन्द, आचार्य 1, 5, 196 केवलज्ञान 99 केवली (भगवान) 8, 17, 18, 25, 55, 73 क्रोध 35, 37, 44, 47, 49, 57, 60, 64, 88 गन्ध 22, 27, 28, 31, 178, 180, 186 गर्हा 146 गुणस्थान 3, 28, 29, 34, 56 गुप्ति 131 घ्राण 5, 178 चारित्र 3, 5, 7, 12, 75, 76, 78, 82, 83, 113, 130, 132, 168, 170, 172, 173, 174, 182, 193 चित्त 130 चेतना 14, 18, 19, 27, 127, 183 चूलिका 153 चोरी 126, 145 जीव 3, 4, 8, 9, 10, 13, 14, 15, 16, 17, 23, 24, 25, 26, 27, 28, 29, 30, 31, 32, 33, 34, 35, 36, 37, 40, 41, 42, 44, 45, 46, 47, 50, 53, 54, 56. 57, 58, 60, 64, 65, 66, 67, 68, 70, 72, 75, 78, 79, 80, 81, 83, 84, 85, 86, 88, 90, 93, 97, 98, 108, 109, 117, 118, 119, 120, 121, 122, 123, 124, 125, 127, 128, 130, 131, 132, 138, 139, 140, 141, 148, 152, 154, 157, 158, 159, 160, 162, 164, 165, 166, 167, 168, 171, 172, 174, 175, 180, 181, 182, 191, 192 जीवत्व 15, 32 जीवद्रव्य 15 जीवनिकाय 132 जीवमिथ्यात्व 44 जीवस्थान 28, 33 198