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सम्पूर्ण चिकित्सा

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Sampoorna Chikitsa

राजीव दीक्षित / रोबिन बसराना (ऋषि वाग्भट्ट अष्टांगह्रदयम् आधारित) द्वारा

स्रोत: Hindi Ayurvedic Chikitsa based on Ashtanga Hridayam · Swadeshi Robin Basrana · 2018 (उद्गम)

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तेल भी डाला जाता है जो खतरनाक है। खाने में हमेशा शुद्ध तेल का इस्तेमाल करें। घाणी का तेल खाने में श्रेष्ठ है। शुद्ध तेल वायु को शांत करने में मदद करता है।

  • ➤ मैदा से बनी वस्तुओं का सेवन कभी ना करें, मैदा गेहूँ से ही बनता है पर मैदे में से सारे आवश्यक फाइबर निकाल लिए जाते हैं। नूडल्स, पिज्जा, बर्गर, पाँव रोटी, डबल रोटी, बिस्कुट वगैरह कभी ना खाये, जो सड़े हुए मैदे से बनते हैं। मैदे की रोटी रबर जैसी होती है जो खाने के बाद आँतों में चिपक जाती है। जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है।

❖ स्वस्थ रहने की कुंजी

जीवन शैली व खान-पान में बदलाव से कई रोगों से मुक्ति पाई जा सकती है। घेरलू वस्तुओं के उपयोग से शरीर तो स्वस्थ रहेगा ही बीमारी पर होने वाला खर्च भी बचेगा।

  • ➤ फलों का रस, अत्याधिक तेल की चीजें, मट्टा, खट्टी चीजें रात में नहीं खानी चाहिए।
  • ➤ घी या तेल की चीजें खाने के बाद तुरंत पानी नहीं पीना चाहिए बल्कि एक-डेढ़ घण्टे के बाद पानी पीना चाहिए।
  • ➤ भोजन के तुरंत बाद अधिक तेज चलना या दौड़ना हानिकारक है। इसलिए कुछ देर आराम करके ही जाना चाहिए।
  • ➤ शाम को भोजन के बाद शुद्ध हवा में टहलना चाहिए खाने के तुरंत बाद सो जाने से पेट की गड़बड़ियाँ हो जाती हैं।
  • ➤ प्रातःकाल जल्दी उठना चाहिए और खुली हवा में व्यायाम या शरीर श्रम अवश्य करना चाहिए।
  • ➤ तेज धूप में चलने के बाद, शारीरिक मेहनत करने के बाद या शौच जाने के तुरंत बाद पानी कदापि नहीं पीना चाहिए।

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