सम्पूर्ण चिकित्सा

सम्पूर्ण चिकित्सा
Sampoorna Chikitsa
राजीव दीक्षित / रोबिन बसराना (ऋषि वाग्भट्ट अष्टांगह्रदयम् आधारित) द्वारा
स्रोत: Hindi Ayurvedic Chikitsa based on Ashtanga Hridayam · Swadeshi Robin Basrana · 2018 (उद्गम)
DevanagariHindipublished115 पृष्ठ
पृष्ठ 28, कुल 115 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 28
❖ पेट दर्द, एसिडिटी (अम्लपित्त)
पेट में कब्ज के दौरान अम्लपित्त बनने लगता है। खट्टी डकारें आती हैं। पेट में भारीपन लगता है। कुछ भी खाने की इच्छा नहीं होती।
- • 1. अजवायन का चूर्ण शहद में मिलाकर लेने से बदहजमी दूर होती है।
- • 2. अजवायन और नमक की फंकी गर्म पानी के साथ लें।
- • 3. एक ग्राम सौंठ के चूर्ण में चुटकी भर हींग और सेंधा नमक मिलाकर सुबह शाम पानी के साथ सेवन करें।
❖ अतिसार एवं संग्रहणी
यह आंतों का रोग है। पतले और बदबूदार दस्त होना अतिसार कहलाता है। यह अधिकांशतः दूषित जल के कारण होता है या दूषित भोजन के कारण। इसमें पेट में दर्द, मरौड़, एंठन होती है और कभी गाढ़ा या पतला दस्त होता है।
- • भुने हुए जीरे का चूर्ण दही के साथ खायें।
- • थोड़ी सी सौंफ तवे पर भूनकर उसका पावडर बनाकर मठे के साथ लें।
- • तेजपात के पत्ते + दालचीनी + ¼ मात्रा कल्पा का काढ़ा बनाकर पिलाने से दस्त तुरन्त बंद होते हैं।
- • चावलों का मांड तथा थोड़ा काला नमक और जरा सी भुनी हींग मिलाकर पीने से दस्त में लाभ मिलता है।
- • 5.10 दाने तुलसी के बीज पीसकर गाय के दूध के साथ लें।
[27]