भारतकोश
सम्पूर्ण चिकित्सा

सम्पूर्ण चिकित्सा

Sampoorna Chikitsa

राजीव दीक्षित / रोबिन बसराना (ऋषि वाग्भट्ट अष्टांगह्रदयम् आधारित) द्वारा

स्रोत: Hindi Ayurvedic Chikitsa based on Ashtanga Hridayam · Swadeshi Robin Basrana · 2018 (उद्गम)

DevanagariHindipublished115 पृष्ठ

पृष्ठ 44, कुल 115 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 44
  • ● आधा कप देशी गाय का गोमूत्र सुबह पीने से टीबी ठीक हो जाता है, लगातार 5-6 महीने पीने पड़ता है।

❖ गले में कोई भी इन्फेक्शन, टौन्सिल

गले में कितनी भी खराब से खराब बीमारी हो, कोई भी इन्फेक्शन हो, इसकी सबसे अच्छी दवा है हल्दी। जैसे गले में दर्द है, खरास है, गले में खांसी है, गले में कफ जमा है, गले में टौन्सिल हो गया, ये सब बीमारियों में आध चम्मच कच्ची हल्दी क रस लेना और मुँह खोल कर गले में डाल देना, और फिर थोड़ी देर चुप हकर बैठ जाना तो ये हल्दी गले में नीचे उतर जाएगी लार के साथ, और एक खुराक में ही सब बीमारी ठीक होगी दुबारा डालने की जरूरत नहीं। ये छोटे बच्चों को तो जरूर करना ये बच्च के टौन्सिल जब बहुत तकलीफ देते हैं ना तो हम ऑपरेशन करवाकर उनको कटवाते हैं वो करने की जरूरत नहीं है हल्दी से सब ठीक होता है।

❖ मधुमेह (डायबिटीज)

आजकल मधुमेह की बीमारी आम बीमारी है। जब किसी व्यक्ति को मधुमेह की बीमारी होती है। इसका मतलब है वह व्यक्ति दिन भर में जितनी भी मीठी चीजें खाता है (चीनी, मिठाई, शक्कर, गुड़ आदि) वह ठीक प्रकार से नहीं पचती अर्थात् उस व्यक्ति का अग्राशय उचित मात्रा में उन चीजों से इन्सुलिन नहीं बना पाता इसलिए वह चीनी तत्व मूत्र के साथ सीधी निकलता है। इसे पेशाब में शुगर आना भी कहते हैं। जिन लोगों को अधिक चिंता, मोह, लालच, तनाव रहते हैं। उन लोगों को मधुमेह की बीमारी अधिक होती है। मधुमेह रोग में शुरू में तो भूख बहुत लगती है, लेकिन धीरे-धीरे भूख कम हो जाती है। शरीर सूखने लगता है, कब्ज की शिकायत रहने लगती है। अधिक पेशाब आना और पेशाब में चीनी आना शुरू हो जाती है और रोगी का वजन कम होती जाता है। शरीर में कहीं भी जख्म/घाव होने पर वह जल्दी नहीं भरता।

[43]