सम्पूर्ण चिकित्सा

सम्पूर्ण चिकित्सा
Sampoorna Chikitsa
राजीव दीक्षित / रोबिन बसराना (ऋषि वाग्भट्ट अष्टांगह्रदयम् आधारित) द्वारा
स्रोत: Hindi Ayurvedic Chikitsa based on Ashtanga Hridayam · Swadeshi Robin Basrana · 2018 (उद्गम)
DevanagariHindipublished115 पृष्ठ
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संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 50
- • त्रिफला चूर्ण, घी और शहद मिलाकर खाने से आँखों की बीमारी दूर होती है।
- • देशी गाय का घी आँख में लगाने से जलन दूर होती है।
- • गुलाब जल में फूली फिटकरी डालकर आँखों को धोने से जलन एवं सूजन समाप्त होती है। केवल गुलाबजल डालने से भी आँखों में राहत मिलती है।
- • बथुए के रस को 1-1 बूंद करके आँखों में डालें।
- • गुलाब जल, ताजे खीरे का रस और थोड़ा सा ठंडा दूध मिलाकर इसमें रूई के फोहो को भिगोकर पलकों के ऊपर रखें। आँखों में अनार का रस डालने से भी काफी लाभ होता है।
❖ गुहेरी
आँख की पलकों के ऊपर कोने में फुन्सी निकल आने को गुहेरी कहते हैं। यह एक गांठ की तरह होती है और हल्का –हल्का दर्द भी होता है।
- • लौंग को पानी में घिसकर लगाने से गुहेरी बैठ जाती है।
- • रात में भिगाये हुए त्रिफला चूर्ण के पानी से आँखों को छप्पे मार मार कर धोयें। बीमारी में काफी लाभ होगा।
- • गुलाब जल में छोटी हरड को घिसकर लेप करने से लाभ मिलता है।
- • गुलाब जल में थोड़ा फिटकरी का पानी मिलाकर डालने से गुहेरी बैठ जाती है।
❖ रतौंधी
अत्याधिक धूल, तीव्र प्रकाश, और दूषित पर्यावरण के कारण रतौंधी होती है। इसमें रोगी को रात्रि में बिल्कुल नहीं दिखाई देता तथा दिन में ठीक दिखाई देता है।
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