सम्पूर्ण चिकित्सा
Sampoorna Chikitsa
राजीव दीक्षित / रोबिन बसराना (ऋषि वाग्भट्ट अष्टांगह्रदयम् आधारित) द्वारा
स्रोत: Hindi Ayurvedic Chikitsa based on Ashtanga Hridayam · Swadeshi Robin Basrana · 2018 (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ें❖ मोच
अर्निका 200 की 2-2 बूंद हर आधा घंटे में तीन बार देना है।
❖ सामान्य चोट
शरीर के किसी भी भाग में बिना रक्त निकले चोट लगने या मुड़ जाने पर या मार लगने, गिरने पर अर्निका 200 की 2-2 बूंद हर आधा घंटे में तीन बार देना है।
❖ खून बहने पर
शरीर पर चोट लगने से खून बहने पर होम्योपैथी दवा हाईपेरिकम 200 की 2-2 बूंद हर आधे घण्टे में तीन बार, यदि चोट ज्यादा है और खून बह रहा है तो हाईपेरिकम 1M 1-1 बूंद हर आधे घण्टे में तीन बार देना है।
❖ चोट लगने लेकिन खून ना बहने पर
अर्निका 200 की 2-2 बूंद हर आधा घंटे में तीन बार देना है।
❖ टिटनेस
लोहे की जंग लगी वस्तु से चोट लगने पर या वाहन से दुर्घटना होने पर टिटनेस का खतरा पैदा हो जाता है जो जानलेवा भी साबित हो सकता है, होम्योपैथी में टिटनेस के लिए दोनों विकल्प मौजूद हैं –
Hypericum 200 की 2-2 बूंद आधे घण्टे में तीन बार
❖ सांप के काटने पर चिकित्सा
सांप काटने पर नाजा 30 हर दस मिनट में 2-2 बूंद तीन बार देना है। अगर ठीक हो रहा है, तो इसी को चालू रखना है। अगर समय ज्यादा हो गया या फर्क नहीं है तो नाजा 200 की 2-2 बूंद हर दस मिनट में तीन बार देना है। ठीक होने पर कोई भी दवा नहीं देना है।
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