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सम्पूर्ण चिकित्सा

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Sampoorna Chikitsa

राजीव दीक्षित / रोबिन बसराना (ऋषि वाग्भट्ट अष्टांगह्रदयम् आधारित) द्वारा

स्रोत: Hindi Ayurvedic Chikitsa based on Ashtanga Hridayam · Swadeshi Robin Basrana · 2018 (उद्गम)

DevanagariHindipublished115 पृष्ठ

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समूचे स्वास्थ्य को लेकर लोगों में होती तो चिन्ता की विशेष बात नहीं थी। लेकिन दुर्भाग्य से लोग स्वास्थ्य के प्रति पूरी मनमानी करते हुए भी कृत्रिम प्रसाधनों के सहारे अपना सौन्दर्य निखारना चाहते हैं। अब कौन समझाय कि हँसना और गाल फुलाना, दोनों एक साथ नहीं हो सकते हैं। यदि कुछ लोग यह सोचते हैं कि वे स्वास्थ्य के प्रति पूरे लापरवाह रहकर भी अपने सौन्दर्य की हिफाजत कर लेंगे तो निरा भ्रम के ही शिकार हैं। बाजारू सौन्दर्य प्रसाधनों का नकली आवरण असलियत को कितनी देर छुपाएगा? वास्तव में सच्चे सौन्दर्य का रहस्य तो अच्छे स्वास्थ्य में ही छुपा हैं। स्वास्थ्य निखरेगा तो सौन्दर्य में अपने आप निखार आ जायेगा, यह तय हैं।

कहने का सीधा सा अर्थ यह है कि अगर सौन्दर्य चाहिए तो स्वास्थ्य को सही-सलामत रखने का इन्तजाम भी अनिवार्यता करना ही पड़ेगा। अब सवाल यह हो सकता है कि स्वास्थ्य ठीक रखने के लिए किया क्या जाए? तो इसका सीधा सा उत्तर है कि दिनचर्या सुधार ली जाए, तो बहुत कुछ ठीक हो जाएगा।

दिनचर्या में आहार, निद्रा और व्यायाम पर ध्यान देना सबसे महत्वपूर्ण बातें हैं। जिन्हें अपने सौन्दर्य – रक्षा की चिन्ता है उन्हें शुद्ध सात्विक शाकाहार अपनाना चाहिए। दाल, चावल, गेहूँ, जौ, बाजरा आदि विविध अन्नों के साथ हरी साग,-सब्जी, फल व सलाद की समुचित मात्रा अच्छे स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं। यह जरूरी नहीं है कि स्वास्थ्य सुधारने के लिए आप महींगे फल-मेवे की तरफ ही भागें। मौसम के अनुसार मिलने वाले ढेरों सस्ते फल, सब्जियाँ आदि हैं जिनका उपयोग अपनी शारीरिक प्रकृति को देखते हुए किया जाए तो स्वास्थ्य-रक्षा का काम बखूबी हो सकता है।

आहार के विषय में यह ध्यान देने वाली बात है कि वर्तमान में जो लोगों की दिन भर कुछ न कुछ खाते रहने की आदत बढ़ रही है, यह गलत है। इसके अलावा 'फास्ट फूड' संस्कृति ने आहार के मामले में और भी ज्यादा भ्रष्टाचार फैला दिया है। अगर अपने स्वास्थ्य व सौन्दर्य की हिफाजत करनी है तो इन आदतों को भी सुधारना ही पड़ेगा। दिन भर में मुख्य भोजन सिर्फ दो बार करना ही सेहत की दृष्टि से उचित है।

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