सम्पूर्ण चिकित्सा

सम्पूर्ण चिकित्सा
Sampoorna Chikitsa
राजीव दीक्षित / रोबिन बसराना (ऋषि वाग्भट्ट अष्टांगह्रदयम् आधारित) द्वारा
स्रोत: Hindi Ayurvedic Chikitsa based on Ashtanga Hridayam · Swadeshi Robin Basrana · 2018 (उद्गम)
DevanagariHindipublished115 पृष्ठ
पृष्ठ 99, कुल 115 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 99
15 मिनट तक डुबोएँ तथा किसी ब्रश से हल्के-हल्के रगड़कर एड्रियाँ साफ करें। इसके उपरांत भीगे पैरों को कपड़े से सुखाकर कोई तैलीय चीज लगा लें।
- • एक चम्मच देशी मोम तथा एक चम्मच देशी घी गर्म करें। दोनों एकसार हो जाएं तो इस मिश्रण की गर्म-गर्म बूँदें बिवाइयों में टपकाएँ। यह प्रयोग प्रतिदिन तब तक करें जब बिवाइयों से छुटकारा न मिल जाए।
- • जैतून का तेल सहने योग्य गर्म करके नाखुनों को कुछ दूर तक उसमें डुबाए रहिए। ऐसा कुछ दिनों तक करने से आपके नाखून मजबूत होंगे।
- • 100 ग्राम सरसों के तेल में 25 ग्राम मोम डालकर गर्म करें तथा एक उबाल आने के बाद उतारकर ठण्डा होने से पूर्व ही किसी चौड़े मुँह के पात्र में रख लें।
- • इसे वैसलीन की करह इस्तेमाल करें, त्वचा नहीं फटेगी। यदि फट रही हो तो ठीक हो जाएगी।
- • सर्दी के मौसम में या पानी में काम करने से हाथ-पैरों की त्वचा फटती हो तो ग्लिसरीन में नींबू का रस मिलाकर मलना चाहिए।
- • नींबू के छिलके नाखुनों पर मलने से नाखून चमकदार होते हैं।
- • हथेलियों, कोहनी और एड्रियों का कालापन मिटाने और मैल हटाने के लिए नींबू के छिलकों को प्रभावित हिस्सों पर घिसकर गुनगुने पानी में धोना चाहिए।
स्वास्थ्य और सौन्दर्य का शत्रु मोटापा
मोटापे का अर्थ है – शरीर में चर्बी यानी वसा का ज्यादा मात्रा में इकट्ठा हो जाना। चर्बी भी अजब चीज है। अगर संतुलन में हो तो शरीर को सुडौल बनाए रखती है, कम हो तो आदमी बेडौल दिखता है और ज्यादा हो जाए तो बेडौल ही क्या पूरा शरीर डोँवाडोल हो जाता है। अर्थात् एक सीमा तक चर्बी जरूरी है, इसके बाद गैरजरूरी। जिनके शरीर में चर्बी
[98]