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संतति शास्त्र

संतति शास्त्र

Santati Shastra

पं० अयोध्याप्रसाद भार्गव द्वारा

स्रोत: Santati - Shastra · काशी, भार्गव पुस्तकालय (उद्गम)

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वच्चोंको किस तरह और कितना दूध पिलाना चाहिये ? २६३

डेढ़ वर्षके पीछे वच्चोंको माताका दूध पिलाना ही नहीं चाहिये । प्रायः वे वच्चे कि जिनको जन्मसे ही माताका दूध नहीं मिलता उनका पोषण गाय अथवा बकरीके दूध से होता है । इसमें भी स्त्रियाँ अनेक असावधानी करती हैं । इनका यह खयाल होता है कि जितना अधिक बच्चा दूध पीयेगा उतनाही पुष्ट होगा । यह एक भ्रम है । पैसा करनेसे अनेक रोग उत्पन्न हो जाते हैं । गाय अथवा बकरीका दूध कितना और कै बार पिलाना चाहिये, विद्वानोंके मतानुसार इसकी भी एक सूची नीचे दी जाती है । यहाँ सूर्य निकलने से अस्त होने तक दिन और शामसे आगे रातका समय जानना चाहिये ।

अवस्थासबल वच्चोंको २४ घंटोंमें कै बार और कितना दूध पिलाना चाहिये
दिनमें कै बाररातमें कै बार
पहला दिन
दूसरा दिन
३ दिनसे १० दिनतक
११ दिनसे २० दिनतक
२१ दिनसे ३० दिनतक
१ माससे ११ मासतक
११ माससे २ मासतक
तीसरे महीनेसे पाँचवेंतक
छठे और सातवें मासमें
आठवें और नवें मासमें
दसवें और ग्यारहवें मासमें
बारहवें महीनेमें
तेरहवेंसे १८ मासतक