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संतति शास्त्र

संतति शास्त्र

Santati Shastra

पं० अयोध्याप्रसाद भार्गव द्वारा

स्रोत: Santati - Shastra · काशी, भार्गव पुस्तकालय (उद्गम)

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सन्तति-शास्त्र ।

शरीरका पोषण कम होता है क्योंकि जो कुछ माता से उसके रससे बच्चेका भी पोषण होता है। यदि दो साल दूध पीवे तो इसके बाद माता जो कुछ भोजन करती है उससे पूरे रससे माताका पोषण होता है। एक विद्वानकी राय है कि जिस समयसे बच्चा दूध पीना छोड़ता है उससे एक साल तक यदि स्त्रीको गर्भ न रहे और उत्तम आहार मिला करे तो स्त्रीका शरीर गर्भ धारण होनेके पहलेका सा पुष्ट हो जावेगा और पेटके सारे अवयव, यदि उनमें कोई विकार उत्पन्न नहीं हुआ है तो, उत्तम हो जावेगा। इन बातोंपर विचार करते हुए यह बात निश्चय होती है कि दा वयतक दूध पिलाकर इसके एक साल बाद अर्थात् बच्चा पैदा होनेसे तीन वर्ष बाद गर्भाधान होना चाहिये।

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