सात्वत संहिता (पाञ्चरात्र आगम - भगवान् सङ्कर्षण-नारद संवाद सान्वय सटीक)
Satvata Samhita of Pancharatra Agama with Commentary
भगवान् सङ्कर्षण / महर्षि नारद द्वारा
पृष्ठ 733, कुल 837 में से
संदर्भ में पढ़ें६७४ सात्वतसंहिता नित्यार्चनकारिका १६३ | १६७, २१२, २१८, २८८, २९१, नृसिंहः १, ११७ | ३११, ३२२, ३५७, ४२७, ५८५, नैघण्टुकाः ४२७ | ६०८, ६२८, ६४६, ६४७, ६५७, पराशरः (विष्णुपुराणम् ) १३१ | ६६५, ६६६, ६६७, ६६९ पराशरभट्टारकः १०, ११, २६१ | पौष्करसंहिता १३, १००, १२२, पाञ्चरात्ररक्षा २५, ९६, १२३, १२६, | १२६, १७३, १७५, २१३, २१५, १२८-१३१, १३३, ३५०, ३७२, | २१६, २२६, २२७, २६१, २६२, ४६२, ५०६, ५१०, ५२२ | २६४-२७२, २७४, २७६, २७७, पाणिनिः ५०८ | २७८, २८०, २८१, २८२, २८६, पाद्मसंहिता २३, ७२, ७५-७९, ८३, | २८७, २८८, २९८, ३७२, ५८५, ८५, ९२, ११३, १२३, १२७, | ५८६ १२८, १३९, १४१, १४२, १७४, | प्रपन्नामृतम् ४६३ १७६, २२७, ४६०, ४६१, ४६२, | प्रयोगपद्धतिरत्नावली २४० ४६५, ४८५, ५००, ५०४, ५०६, | ब्रह्मसूक्तम् ८४, ८५ ५०८, ५०९ | ब्रह्मसूत्रम् १५८ पारमेश्वरसंहिता २३, ६९, ७१-७३, | ब्रह्माण्डपुराणम् १३८ ७६, ८३, ८४, ८६, ९०, ९३, | ब्रह्मोपनिषत् १३ ९४, ११०, १११, ११५, १२०, | भगवद्गीता १५८, १२९, १९६ १२१, १२३, १२७, १५६, १६४, | भागवतपुराणम् १३८, १९६, २१६, १६६-१६८, १७१, १७३, १७८, | २२७, ५१२ १७९, १८५, २१८, २२६, २२७, | भारद्वाजसंहिता ४६३ २३६, २३९, २४७, २५०, २५१, | भाष्यकारः १२१, १२५, १२७, २५५, २८८, २९१, २९२, २९७, | १३२, १६४, ३५०, ४६२, ४६३ २९८, ३०५, ३१०, ३११, ३२२- | भोजराजः २४० ३२४, ३२६, ३३१, ३४०, ३४६, | मनुः १२६, १२७ ३४७, ३४९, ३५१, ३५५, ३५७, | महाभारतम् ३२, २१४, ४६२ ३७१, ३७६, ४२२, ४२७-४२९, | महोपनिषद् ८४, ८५ ४३१, ४३२, ४७३, ४७६, ४८९, | मुण्डकोपनिषद् ६, १५८ ५०४, ५०६, ५२२, ५८४, ५८५, | मुनिभावप्रकाशिका २१६ ५९१, ६०८, ६१०, ६१५, ६१७, | याज्ञवल्क्यः १३१ ६२०-६२२, ६२६-६२८, ६३७, | योगानन्दः १ ६३८, ६४५-६४८, ६५२, ६५४, | रङ्गराजस्तवव्याख्यानम् २० ६६४, ६७१, ६७२ | रम्यजामातृमुनिः २१३ पारमेश्वरप्रयोग ८३, ११० | लक्ष्मीतन्त्रम् १०, ११, १५, ३७, पारमेश्वरव्याख्यानम् २३, ७२, ८७-८८, | ४६, ५३, ५४, ६५, ७२, ७६, १०२, १०३, ११३, १२२, १२८, | ८६, ८८, ९०, ९१, ९८, १९७,