भारतकोश
सौन्दर्य-निखार (स्वदेशी चिकित्सा)

सौन्दर्य-निखार (स्वदेशी चिकित्सा)

Saundarya Nikhar (Swadeshi Chikitsa)

राजीव दीक्षित द्वारा

स्रोत: Azadi Bachao Andolan First Edition · Azadi Bachao Andolan · 2010 (उद्गम)

DevanagariHindipublished80 पृष्ठ

पृष्ठ 15, कुल 80 में से

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रात को सोते समय इसमें से आवश्यकतानुसार मिश्रण लेकर गुलाबजल में मिलाकर तथा सो जाएं। सबेरे गुनगुने पानी से मुँह धो डालें। कुछ दिनों में मुहासों से निजात मिल जाएगी और चेहरा साफ़ हो जाएगा।

हल्दी और लाल चंदन भैंस के दूध में पीसकर लेप लगाने से मुहोंसे ठीक होते हैं और चेहरे में चमक आती है।

आम की गुठली, प्रियंगु, सफ़ेद चंदन, नागकेसर, मंजीठ और रसौत को गाय के गोबर के रस में पीसकर लेप करने से त्वचा की विकृतियाँ ठीक हो जाती हैं और वर्ण निखरता है।

संतरे के रस में तुलसी के पत्तां को पीसकर लेप करें। सूख जाने पर गुनगुने पानी से चेहरा धोएं। मुहासे आदि दूर होते हैं। यह प्रयोग सोते समय करें और सबेरे चेहरा धोएं तो बेहतर है।

तुलसी पत्र का स्वरस और नींबू स्वरस समभाग मिलाकर मलने से चेहरे की त्वचा निरोगी बनती है।

4-6 बूँद शहद और एक चम्मच नींबू का रस मिलाकर चेहरे पर लगाकर मलें। आधा घण्टा बाद पानी से धो दें। एक माह नियमित करने से चेहरे पर निखार आ जाएगा। बाद में एक-दो दिन के अंतर पर भी करते रहेंगे तो आपको किसी बाज़ारू क्रीम वगैरह की ज़रूरत नहीं महसूस होगी।

धीक्वार के पत्ते का रस चेहरे पर लगाकर लगभग आधे घण्टे बाद धोएं। मुहासे, फुंसियों से छुटकारा मिलेगा।

कच्चे नारियल का पानी चेहरे पर मलने से त्वचा साफ़ और कान्तिपूर्ण बनती है।

चेहरे की त्वचा रुखी हो तो मुल्लानी मिट्टी में खीरे का रस, टमाटर का रस, गुलाबजल, चंदन का महीन चूर्ण, ग्लिसरीन तथा नारियल का पानी मिलाकर लेई सा बनाकर लेप करें। सूखने पर पानी से धो दें। एक-दो दिन के अंतर पर भी यह प्रयोग करते रहें तो चेहरे पर निखार आने लगेगा।

नींबू का रस, खीरे का रस व गुलाबजल समान मात्रा में मिलाकर प्रतिदिन चेहरे पर मलने से मुहोंसों से छुटकारा मिलता है।

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